कोतवाली नगर पुलिस ने चोर गिरोह का पर्दाफाश कर पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की दो स्कूटी, 10 मोबाइल, नकदी और चाकू बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने कोतवाली क्षेत्र के साथ प्रेमनगर और अन्य क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं में अपना हाथ होना कबूूला है।
आरोपी पहले भी चोरी के मामले में कोतवाली नगर और वसंत विहार थाने से जेल जा चुके हैं। कोतवाली नगर प्रभारी इंस्पेक्टर विद्याभूषण नेगी ने बताया कि मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी थी कि चोर गिरोह के पांच सदस्य ग्रीन वैली राजपुर के पास खाली प्लाट के पास एकत्रित होकर चोरी की योजना बना रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गुप्त रूप से उनकी बातें सुनी। वह बारिश में दुकानों के शटरों को तोड़कर चोरी करने की बात कर रहे थे। इंस्पेक्टर ने बताया कि यकीन होने पर टीम ने दबिश देकर उन्हें घेर लिया और सभी को पकड़ लिया।
इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की गई और उनके कब्जे से चोरी की दो स्कूटी, 10 मोबाइल, नौ हजार रुपये और चार चाकू बरामद किए गए। आरोपियों की पहचान कारगी चौक शिवमंदिर का रोहित थापा, चुक्खूवाला के इंदिरा कालोनी निवासी सुमित, पथरियापीर नेशविला रोड निवासी विवेक चंदेल, नेशविला रोड के पथरिया पीर निवासी गौरव और हरिद्वार बाईपास रोड के रेलवे फाटक निवासी अनुज गुप्ता के रूप में हुई है। इनमें से विवेक चंदेल व रोहित करीब एक माह पूर्व भी चोरी के मामलों में जेल से छूटकर आएं हैं, जबकि अनुज को चारों आरोपी चोरी किए मोबाइल देते थे।
नशे का खर्चा पूरा करने के लिए करते चोरी
इंस्पेक्टर विद्याभूषण नेगी ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह स्मैक पीने के आदी है। जिसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत होती है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए वह लोगों के घरों, दुकानों में चोरी करते हैं।
प्रेमनगर से उड़ाई थी स्कूटी
आरोपियों ने जून में प्रेमनगर से दो स्कूटी चोरी की थी। वह आपस में ही इन स्कूटियों का इस्तेमाल करते थे। इन्हीं स्कूटियों से हरिद्वार भी गए थे, जहां उन्होंने एक बाइक चोरी की थी। पुलिस को बताया कि वह मोबाइल फोन भी चोरी करते थे। इस दौरान उन्होंने नेशविला रोड, खुड़बुड़ा मोहल्ले, पलटन बाजार, राजपुर रोड समेत कई स्थानों से मोबाइल आदि चोरी करने की बात कबूली है।
चाट की ठेली लगाने वाले को देते थे मोबाइल
आरोपियों ने बताया कि वह चोरी के मोबाइलों को माता मंदिर रोड पर समोसे और चाट की ठेली लगाने वाले अनुज गुप्ता को देते थे। वही, मोबाइल बेचकर उन्हें पैसे देता था। अभी तक वह अनुज को कई चोरी के मोबाइल बेच चुके हैं।