पक्षी विशेषज्ञों ने पक्षियों के बारे में दी रोचक जानकारियां, अनुभव साझा किए
कार्यक्रम के दौरान पक्षी विशेषज्ञों ने उपस्थित लोगों और स्कूली बच्चों को पक्षियों के संबंध में कई रोचक जानकारियां दी। सेवानिवृत्त डीएफओ धीरजधर बछवाण ने बुलबुल की रेड र्स्किट, येलो र्स्किट आदि प्रजातियों और कटफोड़ा पक्षी के बारे में जानकारी दी। देवेंद्र काला ने बताया कि वन अधिकारी राजीव भरतरी ने वर्ष 2011 में प्रदेश में बर्ड वाचिंग की शुरुआत की थी। पहले गढ़वाल व कुमाऊं मंडल में वर्ष में बर्ड वॉचिंग के 24 कार्यक्रम आयोजित होते थे।
बताया कि हिमालयन फीजेंट (पर्वतीय बटेर) 1876 के बाद नहीं देखी गई। विभिन्न संस्थाओं ने हिमालयन फीजेंट पक्षी की खोज करने वाले को लाखों के इनाम की घोषणा की है। पक्षी प्रेमी मोहित कंडवाल ने कहा कि पक्षियों को देखना भी एक प्रकार का ध्यान (मेडिटेशन) है। मानसिक बीमारियों से बचाव के लिए नेचर वॉक की जरूरत है। लेकिन वर्तमान पीढ़ी ने नेचर के बजाए मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी से नजदीकी बना ली है। आर्य समाज के प्रधान आनंद प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि जब आर्य समाज मंदिर में हवन होता है तो आसपास कईं पक्षी चहचहाने लगते हैं।