शेरा के अनुसार, कोल्हू नदी पार करते समय अचानक तेज बहाव में सद्दाम बाइक समेत बहने लगा। यह देखकर शेरा और नदी में उतरे अन्य लोगों ने किसी तरह सद्दाम और बाइक को बाहर निकाल लिया। इसी दौरान जेनम और उसकी एक साल की बेटी आफिया तेज बहाव में बह गए।
सूचना पर कोतवाली पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए नदी पार कर नदी के दूसरे छोर पर पहुंचे। करीब एक घंटे तक चले तलाशी अभियान के बाद मां-बेटी के शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर कादरगंज क्षेत्र में बरामद हुए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सद्दाम के पिता रोशनद्दीन ने बताया कि सद्दाम की शादी करीब दो साल पहले मालुआ गुलालवाली निवासी जेनम से हुई थी। उनकी एक साल की बेटी आफिया उर्फ छज्जू थी। आफिया का छह सितंबर को जन्मदिन था। उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म के बाद उसकी बुआ जैतून ने उसे नहीं देखा था। जैतून के आग्रह पर ही सद्दाम, जेनम और आफिया सोमवार शाम उससे मिलने बगनाला गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि बुआ से मिलने गया परिवार लौटते समय इस तरह की दर्दनाक घटना का शिकार हो जाएगा। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। सूचना मिलते ही अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
बाल-बाल बची पुलिस टीम
मां और बच्ची के बहने की सूचना पर कोतवाली पुलिस व एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी के दूसरे छोर पर जाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर कोल्हू नदी पार करने लगे। इस बीच तेज बहाव में ट्रैक्टर ट्राली पलटने वाली थी जिस पर उसमें सवार पुलिस व एसडीआरएफ के जवानों ने किसी तरह नदी में उतरकर ट्रैक्टर ट्राली को पलटने से बचाया। यदि ट्रैक्टर ट्राली पलटती तो बड़ा हादसा हो सकता था।