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बोले 'EX-सीएम' अपनी सुविधाओं का गवर्नमेंट ऑर्डर है!

Sun, 06 Oct 2013 11:19 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुरक्षा व सुविधाएं को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा एक रिट याचिका पर सरकार को जारी किए गए नोटिस को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है।
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लेकिन सरकार की तरफ से सचिवालय प्रशासन ने स्टाफ, गृह विभाग की तरफ से सुरक्षा और राज्य संपत्ति विभाग की तरफ से वाहन व आवास दिए जाने का शासनादेश है।

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सुरक्षा देने का कोई प्रोविजन नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि कौन कहता है कि सुविधाएं व सुरक्षा देने का कोई प्रोविजन नहीं है। देश के आजाद होने के बाद से सभी प्रदेशों में यह व्यवस्था है तो कुछ सोच समझ कर ही की गई होगी।

यूपी के जमाने से यह सब हो रहा है। हम यूपी से अलग हुए है और यूपी में इस बाबत आदेश जारी किए गए थे। पूर्व सीएम बीसी खंडूड़ी ने कहा कि मुझे नहीं मालूम किसने क्या रिट की है और न्यायालय ने जो पूछा है उसका जबाव राज्य सरकार को देना है। लेकिन इन सुविधाओं का आदेश सरकार ने किया है।
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अरबों रुपए के घोटाले
पूर्व मुख्यमंत्रियों को सुविधा देने के नाम पर सरकार का खर्चा होता है, ऐसा कैसे हो सकता है कि बगैर किसी प्रोविजन केही इतना बड़ा खर्चा कर दिया जाए।

पूर्व सीएम डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि राज्य सरकार के बजट से जो भी खर्चा होता है वह कानून के दायरे में ही होता है। लोगों को सरकारों में हो रहे अरबों रुपए के घोटाले नजर नहीं आ रहे हैं, राज्य में दैवी आपदा के बाद लोगों को राहत नहीं मिली यह दिखाई नहीं दिया और पूर्व सीएम को मिलने वाली सुविधाएं खटक रही है।

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लेकिन जारी है बदलाव की कसरत
उच्च न्यायालय ने तो अभी नोटिस जारी किया है लेकिन सरकार में पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर अलग से भी कसरत हो रही है। पिछले महीने सभी प्रदेशों में पूर्व सीएम को मिलने वाली सुविधाओं के आदेश व नियमावली मंगाई गई है।
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यह कसरत मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई। मुख्यमंत्री के साथ जल्द ही बैठक में अन्य प्रदेशों की व्यवस्था को प्रस्तुत कर विचार विमर्श किया जाएगा। ऐसा भी संभव है कि मौजूदा व्यवस्था में कुछ परिवर्तन कर नई व्यवस्था लागू की जाए।
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