टिहरी बांध की झील से पुनर्वासित घोंटी गांव के एक अनुसूचित जाति परिवार का 12 साल बाद भी पुनर्वास नहीं हो पाया है। प्रभावित परिवार को पुनर्वास की पात्रता निर्धारण को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
वर्ष 2005 में टिहरी बांध की झील बनने के बाद जाखणीधार ब्लाक का घोंटी गांव पूर्ण पुनर्वासित हुआ था, लेकिन गांव में निवासरत अनुसूचित जाति के किशोरी लाल का पुनर्वास नहीं हो पाया है।
किशोरी लाल के पिता को सरकार ने वर्ष 1976 गांव में 10 नाली भूमि का पट्टा दिया था। वह भी झील में डूब गई है। इसके बाद से प्रभावित परिवार नैनचामी में रिश्तेदारों के यहां शरण लिए है।