फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जमीन मामले के बहाने किस पर निशाना साध रहे किशोर?

Wed, 10 Feb 2016 12:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
अब कांग्रेस को यह सवाल भी मथ रहा है कि जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले उठाकर आखिर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय किन लोगों पर निशाना साध रहे हैं। किशोर के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 1990 से लेकर अब तक के जमीनों के मामलों की पड़ताल पूरी कर ली है और जल्द ही इन मामलों को सार्वजनिक करने की तैयारी भी की जा रही है।
विज्ञापन


राज्य गठन के समय से ही प्रदेश में जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले विवाद बनते रहे हैं। सत्ताधारी दलों की मंशा पर सवाल उठते रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की सत्ता रही है तो कांग्रेस भी अब अपने दो कार्यकाल पूरे करने जा रही है। ऐसे में सवालों की जद में हर सरकार का कार्यकाल रहा है।

पार्टी सूत्रों की मानें तो संगठन की छवि की आड़ लेकर किशोर ने एक तीर से दो शिकार करने की कोशिश भी की है। किशोर ने जिंदल समूह को नैनीसार में भूमि देने को लेकर उठे विवाद के समय 1990 से लेकर अब तक की जमीन की खरीद-फरोख्त के ब्योरे को सार्वजनिक करने की मांग की थी।
विज्ञापन

कहा, दो सप्ताह में मुख्यमंत्री से मिल जाएगी जानकारी

मंगलवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने यह ब्योरा जुटा लिया है। मुख्यमंत्री ने एक-दो सप्ताह में यह ब्योरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को देने का आश्वासन दिया है।

पार्टी नेताओं के मुताबिक किशोर के इस कदम से तुलनात्मक रूप से कांग्रेस अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश में है। वर्तमान में विपक्ष भूमि मामलों को लेकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा कर रहा है। दूसरी तरफ, भाजपा का अपना कार्यकाल भी प्रदेश में इस मामले को लेकर सवालों के घेरे में रहा है। कई बड़े नेताओं की जमीन उत्तराखंड में बताई जा रही है। वहीं, इस मामले के बूमरैंग होने की भी आशंका है। कोकाकोला को जमीन देने से लेकर पार्टी के कुछ बड़े नेताओं को जमीन देने के मामले भी सामने आये हैं।

किशोर इससे पहले संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग कर कांग्रेस नेताओं को परेशानी में डाल चुके हैं। मुख्यमंत्री की संपत्ति का ब्योरा सामने रखकर किशोर इस मामले को मुख्यमंत्री की ओर मोड़ ही चुके हैं। इसी तरह गनर वापस करने की मांग ने भी कई कांग्रेस नेताओं को ही असहज किया। पार्टी के एक नेता के मुताबिक कुछ व्यक्तियों के लिए आखिरकार पार्टी की छवि को नुकसान क्यों पहुंचाया जाए।
विज्ञापन

दस विधायकों की ही संपत्ति का ब्योरा मिला

कांग्रेस नेताओं की संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के मामले में किशोर उलझे हुए दिखाई दे रहे हैं। किशोर ने दावा किया कि करीब दस विधायकों ने संपत्ति का ब्योरा प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंप दिया है। किशोर ने इन विधायकों के नाम का खुलासा नहीं किया। उन्होंने कहा कि 24 को हल्द्वानी में होने वाली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में कांग्रेस के सभी विधायकों की संपत्ति का ब्योरा भी पीसीसी को मिल जाएगा।

गनर वापस कराने में खास सफलता नहीं
गनर वापस करने के मामले में हालांकि किशोर को खास सफलता नहीं मिल पाई। किशोर के मुताबिक तीन कांग्रेसियों ने गनर वापस करने की लिखित में सहमति दे दी है। सेवादल के कार्यकारी संगठक राजेश रस्तोगी ने गनर वापस किया है। हालांकि किशोर बाकी दो के नाम नहीं बता पाए। प्र्रेसवार्ता में कांग्रेस उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट,मुख्य प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी सहित अन्य कई कांग्रेसी उपस्थित थे।

समन्वय समिति की बैठक 12 को
कांग्रेस समन्वय समिति की पहली बैठक 12 फरवरी को पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी के दिल्ली आवास में होगी। समिति के संयोजक सचिव किशोर के मुताबिक समन्वय समिति में प्रदेश के मुद्दों और चुनाव की तैयारी को लेकर बातचीत की जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें