इस दौरान नरेश टिकैत ने कहा कि देश का किसान इस समय अनेक समस्याओं से जूझ रहा है। किसानों की खुशहाली का दावा कर सत्ता में आईं सरकारें चुप बैठी हैं और किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने, दस साल की अवधि पर ट्रैक्टरों का निष्प्रयोज्य घोषित करने का फरमान वापस लेने, किसानों की फसलों के दाम बढ़ाने और किसान हित में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग उठाई।
नरेश टिकैत ने कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। जरूरत पड़ने पर हरसंभव आंदोलन किया जाएगा। वहीं, भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को जगाने के लिए यह यात्रा निकाली जा रही है। सरकार नहीं जागी तो आगे और बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
इस दौरान राष्ट्रीय महामंत्री युद्धवीर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजबीर सिंह जादौन, राजेश चौहान, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, मध्य प्रदेश के प्रदेश महामंत्री अनिल यादव, महंत त्रिकालदर्शी, जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री समेत अन्य किसान नेताओं ने सरकारों से किसानों के हित में कदम उठाने की मांग की। यात्रा में भारी संख्या में किसानों के शामिल होने के कारण दोपहर बाद तक हाईवे पर जाम लगा रहा। रोड़ी बेलवाला से शुरू होने के बाद हाईवे से होते हुए यात्रा देर शाम पतंजलि योगपीठ पहुंची।
23 सितंबर को हरिद्वार से शुभारंभ, पतंजलि योगपीठ में रात्रि विश्राम
24 सितंबर को गुड़ मंडी मंगलौर में रात्रि विश्राम
25 सितंबर को नुमाइस कैंप, मुजफ्फरनगर
26 सितंबर को भैंसी खतौली
27 सितंबर को नुमाइस, कैंप मेरठ
28 सितंबर को बाईपास मार्ग गाजियाबाद
29 सितंबर को मोदीनगर
30 और एक अक्तूबर को दिल्ली
02 अक्तूबर को महात्मा गांधी की समाधि राजघाट पहुंचेगी यात्रा
(रास्तेभर में पंचायत कर किसानों को जागरूक करते हुए उन्हें साथ लिया जाएगा)