उधर, बाजपुर में मंडी समिति परिसर में आयोजित सभा में सांसद मान ने कहा कि उनकी पार्टी तीनों कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन का पूरा समर्थन करती है। राजनीति से अलग हटकर किसानों की समस्याओं को लेकर पार्टी किसानों के साथ हमेशा खड़ी रहेगी। मान ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कमल कीचड़ में उगता है और कीचड़ को झाड़ू से ही साफ किया जाता है।
मान ने कहा कि बाजपुर के बीस गांव की भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाई गई है, जिससे क्षेत्र का किसान परेशान है। इसके खिलाफ पुरजोर तरीके से आवाज उठाई जाएगी। इससे पूर्व यहां पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने सांसद मान का फूलमालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम को प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया, प्रदेश सह प्रभारी राजीव चौधरी, प्रदेशाध्यक्ष एसएस कलेर, प्रदेश उपाध्यक्ष एसपीएस रावत, किसान न्याय यात्रा संयोजक दीपक बाली और अजय अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी आप
उत्तराखंड बॉर्डर से मंगलवार को किसान यात्रा की शुरुआत करने वाले आप के सांसद भगवंत मान नादेही, महुआडाबरा, गांधी पार्क, ठाकुर मंदिर, कोतवाली रोड होते हुए जसपुर पहुंचे। यहां पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस न लेने के कारण ही आप को किसान न्याय यात्रा शुरू करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि तीनों कानूनों के वापस लिए जाने तक आप किसानों के साथ आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करती रहेगी। एक सवाल के जवाब में सांसद मान ने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में आप प्रदेश की सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहां अजय अग्रवाल, दिनेश मोहनिया, दीपक बाली, अवतार सिंह, सूबा सिंह, राजीव कुमार, नरेश सागर, श्वेतांग अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
कृषि कानून के विरोध में किसान न्याय यात्रा के साथ काशीपुर पहुंचे आप के सांसद भगवंत मान ने किसानों की सभा में पंजाब, पंजाबी और किसान का कनेक्शन जोड़कर आप पार्टी को किसानों का हमदर्द बताया। मान सभा स्थल तक ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे और सभा को हिंदी के साथ पंजाबी में संबोधन किया। कृषि कानूनों को लेकर मान ने मोदी सरकार को किसान विरोधी कहा और आप को किसानों के आंदोलन में उनके साथ बताया।
संगरूर से आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान ने कुछ दिन पहले संसद में पीएम मोदी के सामने कृषि कानूनों का विरोध किया था। इधर, आम आदमी पार्टी भी पूरे देश में किसानों के आंदोलन का समर्थन कर खुद को किसानों का हमदर्द बताने की कोशिश कर रही है। किसानों के करीब पहुंचने के लिए आप ने मंगलवार को किसान न्याय यात्रा निकाली और यात्रा की कमान सांसद मान के हाथों में सौंपी। मान आप के सांसद होने के साथ ही पंजाबी किसान भी हैं।
सभा में भी मान ने पंजाब, पंजाबी और किसान का कनेक्शन जोड़कर अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार खेती को बेच रही है और आप की दिल्ली सरकार बार्डर पर आंदोलनरत किसानों को चद्दर से लंगर तक उपलब्ध करा रही है।
कार्यक्रम के दौरान आप नेता दीपक बाली की जेब कटी
काशीपुर। किसान न्याय यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। इसी दौरान आप नेता दीपक बाली की जेब काटकर किसी ने उनका बटुआ पार कर लिया। हालांकि कार्यकर्ता बटुए के कहीं गिरने की बात भी कह रहे थे।
हेलीकॉप्टर से नहीं दिखती, गरीब के चूल्हे की आग जली है या बुझी
अपनी सभाओं में अकसर शायरी के जरिये अपनी बात रखने वाले सांसद भगवंत मान ने यहां भी शायरी में कई बातें कहीं। सभा के दौरान एक हेलीकॉप्टर के आसमान में दिखने पर मान ने कहा कि भाजपा भी खेती उनको देना चाह रही है, जिन्होंने भाजपा को हेलीकॉप्टर दिए। शायरी के अंदाज में सांसद मान ने कहा कि ‘हेलीकॉप्टर से नहीं दिखती, गरीब के चूल्हे की आग जली है या बुझी, इसे देखने के लिए नीचे उतर आओ वरना लोग उतार देंगे।’
पीएम मोदी पर तंज कसते हुए सांसद मान ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा लोगों से कहते हैं मन की बात सुनो। लोगों ने मोदी के मन की बात सुनकर दो बार उन्हें पीएम बना दिया। अब प्रधानमंत्री को लोगों के मन की बात सुननी चाहिए। आप यहां कोई जुमले सुनाने या शक्ति प्रदर्शन करने नहीं आई है। सरकार को किसानों का दर्द समझाने आई है। भाजपा ने लोगों से कहा कि उनके खाते में 15 लाख आएंगे, 15 लाख तो नहीं आए उल्टा नोटबंदी से घर की जमा पूंजी भी चली गई।
जो कौम शेरों से लड़ सकती है, वह सरकार से भी लड़ सकती है। मैं झूठे जुमले करने नहीं किसानों का समर्थन जुटाने के लिए ऊधमसिंह नगर आया हूं। जिसने धरती का एक एक दाना, पानी पीया है वह किसान आंदोलन का समर्थन करें। मंगलवार को सांसद भगवंत मान ने किसान न्याय यात्रा के तहत रुद्रपुर में देर शाम को एक बरात घर में जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार को काला कानून वापस लेना ही पड़ेगा।
सांसद मान ने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को चाय बेचने वाला कहते हैं, उन्होंने जो चाय बेची होगी, उसे बनाने का सामान भी किसानों के खेतों से ही आया होगा। जो सरकार आधी रात को जीएसटी के नियम बदल सकती है, वह दिन में किसान कानून को वापस क्यों नहीं कर सकती है। मैंने संसद में प्रधानमंत्री से कृषि कानून को वापस करने को कहा था तो उन्होंने मुझे सस्पेंड करने की धमकी दे दी थी।
मान ने कहा कि कृषि कानून वापस करने के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो वह तैयार हैं। इससे पूर्व सांसद ने गदरपुर और दिनेशपुर क्षेत्र में आप कार्यकर्ताओं और लोगों से मुलाकात की।