दिल्ली कूच के दौरान राज्य सीमा पर बेरिकेडिंग तोड़ने, अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने अज्ञात किसानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार बाजपुर दोराहा राज्य सीमा पर विभिन्न संगठनों के करीब 1000-1500 किसान ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, चार पहिया वाहनों और पैदल लाठी डंडों से लैस होकर पहुंचे।
इस दौरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की, अभद्रता करते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से लगाए गए बेरिकेडिंग को जबरन को खोल दिया।
अज्ञात लोगों ने बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के ट्रैक्टरों का लापरवाही के साथ प्रयोग किया, जिससे भय और अराजकता का माहौल उत्पन्न हो गया। इससे पुलिस के सरकारी कार्य में बाधा पहुंची। उपद्रव करीब घंटेभर तक जारी रहा। पुलिस कर्मियों से झड़प भी हुई।
प्रभारी कोतवाल आईपीएस सर्वेश कुमार पंवार ने बताया कि एसएसआई देवेंद्र गौरव की ओर से अज्ञात किसानों के खिलाफ धारा 147, 148, 332, 353, 188, 269 आईपीसी, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 51(ख) 7 क्रिमिनल लॉ एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच एसआई प्रवीण सिंह को सौंपी गई है। प्रभारी कोतवाल पंवार ने बताया कि वीडियोग्राफी के फुटेजों के आधार पर किसानों की पहचान की जा रही है।
किसानों पर दर्ज मुकदमों की निंदा
भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष करम सिंह पड्डा ने कहा कि गाजीपुर आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को किसानों ने राज्य सीमा पर शांतिपूर्वक दिल्ली कूच किया। किसी प्रकार की कोई अराजकता नहीं की गई। उन्होंने किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों की निंदा की है। इधर, राष्टीय किसान यूनियन के अध्यक्ष केके शर्मा ने भी किसानों पर दर्ज मुकदमों की निंदा की है। (संवाद)
देहरादून से गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुआ जत्था
किसान कानून के खिलाफ दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में शनिवार को देहरादून से एक जत्था गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हुआ। राज्य महामंत्री व जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष कॉमरेड गंगाधर नौटियाल ने जत्थे को रवाना किया। यह जत्था सुबह नौ बजे राजपुर रोड स्थित कार्यालय से रवाना किया गया।