जंगल में विचरण करने वाले किंगफिशर को आसन बैराज झील के चारों ओर का शांत माहौल खासा रास आ रहा है।
पक्षी प्रेमियों की संख्या में भी खासा इजाफा
यही वजह है कि पेड़ों पर रहने वाला यह पक्षी जंगल का मोह छोड़ आसन बैराज झील के आसपास ज्यादा नजर आने लगा है। ऐसे में इस पक्षी के दीदार के लिए पक्षी प्रेमियों की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है।
स्टार्क बिल्ड किंगफिशर एक शर्मिले स्वभाव का पक्षी है जिसे शोर शराबा पसंद नहीं है। लेकिन इस साल आसन बैराज झील के चारों ओर इस पक्षी की तादात में खासा बढ़ोतरी हुई है। पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि इन दिनों आसन बैराज झील का शांत वातावरण इसकी बड़ी वजह हो सकता है।
इसी के साथ किंगफिशर का पंसदीदा आहार मछलियां है। ऐसे में भोजन की तलाश भी उसे कंजरवेशन रिजर्व तक खींच ला सकती है। उधर, वन विभाग के मुताबिक आसन झील में प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा दस हजार के पार पहुंच गया है।
शिव हंस भी दिख रहा
शर्मिले स्वभाव का शिव हंस भी आसन बैराज झील के चारों ओर उड़ान भरता हुआ दिखाई दे रहा है। यह पक्षी भी बहुत कम ही नजर आता है। लेकिन इस साल पक्षी प्रेमी इस पक्षी को भी आसन बैराज झील के आसपास अपनी नजरों में कैद करने में कामयाब हुए हैं।
आसन बना इनका भी ठिगाना
प्लाश फिश ईगल, पोचार्ड, विजन, टेस्टड ग्रिड, बार हेडिड गिज, पिंटेल, टफटेक डक, कामन कूट समेत पक्षियों की करीब 62 प्रजातियां अब तक आसन बैराज झील को अपना प्रवास स्थल बना चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में जैसे-जैसे इजाफा होगा देश विदेश की अन्य प्रजातियां भी आसन बैराज झील को अपना ठिकाना बनाने लगेगी।
साधरता स्टार्क बिल्ड किंगफिशर जंगल में मिलता है। लेकिन इस साल आसन बैराज झील के पास भी इसकी खासा आमाद दर्ज की गई है। संभवत: झील के चारों ओर का शांत वातावरण इस पक्षी को रास आ रहा है।
- अजय शर्मा, पक्षी विशेषज्ञ