वन विभाग के अनुसार 2015 से जुलाई 2020 तक नैनीताल फॉरेस्ट डिविजन में किंग कोबरा का 35 बार बचाव किया गया। इसके अलावा, कार्बेट टाइगर रिजर्व में 16 बार, तराई पूर्वी वन डिविजन में सात बार, तराई केंद्रीय में तीन बार, रामनगर फॉरेस्ट डिविजन में 16 बार, हल्द्वानी गौलापार में चार, देहरादून फॉरेस्ट डिविजन में तीन, राजाजी नेशनल पार्क में 24, मसूरी फॉरेस्ट डिविजन में 4, चकराता फॉरेस्ट रेंज में एक, हरिद्वार में दो, लैंसडौन में चार, कालागढ़ में 8 और उत्तरकाशी में तीन बार किंग कोबरा का बचाव किया गया।
किंग कोबरा का प्राकृतिक रूप से दक्षिण भारत व उत्तरी भारत के वर्षा वनों में वास है लेकिन हिमालयी क्षेत्र में भी इसकी अच्छी संख्या है। नैनीताल का मौसम किंग कोबरा को भा रहा है। इस पर और अधिक शोध की जरूरत है।
- संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक, वन अनुसंधान केंद्र, हल्द्वानी।