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प्लेटफार्म पर सोया था परिवार, आंख खुली तो बच्चा गायब

Mon, 02 Jun 2014 09:39 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर सो रहे मेरठ के एक परिवार का सात माह के मासूम का अपहरण कर लिया गया। रातभर जीआरपी ने रेलवे स्टेशन समेत सभी गंगा घाट छाने लेकिन कहीं पता नहीं चला।
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अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अपहरण का संदेह एक फक्कड़ साधु पर जताया जा रहा है।

मूल रूप से बुलंदशहर के गांव रामगढ़ लखावटी औरंगाबाद (हाल निवासी मेघराजपुर, मेरठ) निवासी सुनील कुमार परिवार सहित 29 मई को अपने सात माह के बेटे आरव के मुंडन संस्कार के लिए हरिद्वार पहुंचे हुए थे। उस दिन से सुनील कुमार पत्नी पूजा, बडे़ बेटे एवं साले दीपांशु के साथ शांतिकुंज में ठहरे हुए थे।

प्लेट फार्म पर सो रहा था पूरा परिवार

एक जून की शाम सभी को मेरठ लौटना था। लेकिन रात आठ बजे ट्रेन छूटने पर पूरा परिवार प्लेट फार्म-एक पर सो गया।

देर रात करीब एक बजे पत्नी पूजा की आंख खुली तो पास सो रहा बेटा आरव गायब था। इससे परिजनों में हड़कंप मच गया। सभी ने पूरा रेलवे स्टेशन खंगाला। लेकिन बेटे का पता नहीं चला। सूचना पर पहुंचे एसओ जीआरपी नवीन चंद्र जुराल ने परिवार को साथ लेकर हरकी पैड़ी, बस स्टैंड समेत रातभर गंगा घाट खंगाले। लेकिन सफलता नहीं मिली।

परिवार के सदस्यों ने संदेह जताया कि पास ही एक फक्कड़ साधु भी सोया हुआ था। लेकिन अब वह भी गायब है। हो सकता है कहीं बेटे का अपहरण उसी ने ही न किया हो।

एसओ जुराल ने बताया कि पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल सुनील परिवार समेत मेघराजपुर (मेरठ) में रहकर एक फैक्ट्री में काम करता है।
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सीसीटीवी कैमरों से भी सुराग नहीं

रेलवे स्टेशन कैंपस में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को भी जीआरपी ने खंगाल लिया है। लेकिन सात माह के बेटे का सुराग नहीं लग पाया। एसओ जीआरपी ने बताया कि परिवार ठीक कैमरे के नीचे सोया हुआ था। जिसकी वजह से उनकी फुटेज कैमरे में कैद नहीं हुई।

काश! ट्रेन नहीं छूटती
काश! ट्रेन न छूटती तो शायद हमारा बच्चा हमारे साथ ही होता। परिजनों के मुंह से बार-बार यही बोल फूट रहे हैं। गहरी नींद आने पर उन्हें पता भी नहीं चला कि कब उनका बेटा कोई उठा ले गया। यह कहते ही मां-पिता दोनों रोने लग गए।

कहां थी आरपीएफ और जीआरपी
मासूम के अपहरण से रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खडे़ हो गए हैं। ये आलम प्लेटफार्म नंबर एक का है। ऐसे में दूर के प्लेटफार्म पर सुरक्षा की बात करना बेमानी है। इस मुख्य प्लेटफार्म पर रातभर चहल पहल रहती है। ऐसे में जीआरपी और आरपीएफ की गश्त कहां चल रही थी इसके जवाब अधिकारियों के पास भी नहीं हैं।
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