फिल्म की यूनिट टीआरसी मल्लीताल में ठहरी थी। फिल्म की शूटिंग नैनीताल माल रोड, खुर्पाताल, नारायण नगर और हांडी भांडी में हुई थी।
फिल्म के गीत छोड़ो मुझे छोड़ो, मैं छत पर जाऊंगा के कुछ दृश्य और इश्क जितना कभी किसी ने किसी को किया न होगा उतना प्यार करूंगा अपनी रानी को... की पूरी शूटिंग खुर्पाताल के आसपास ही हुई थी।
खुशबू का असल नाम नखत खान था। खुशबू उनका फिल्मी नाम था जो इसी फिल्म के बाद प्रसिद्ध हुआ था। हालांकि हिंदी फिल्मों में उनका करियर ज्यादा नहीं चला और 1986 में उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों का रुख कर लिया।
जहां उनका नाम और काम दोनों इतने चले कि उनके प्रशंसकों ने बकायदा उनके मंदिर बनवा कर उनकी पूजा करनी शुरू कर दी।