पैरा बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में नंबर एक शटलर मनोज का बचपन बंगाली कॉलोनी रुद्रपुर में बेहद गरीबी में बीता। उनकी आर्थिकी इतनी कमजोर थी कि स्कूल की छुट्टी के दिन वो पिता के साथ घरों में पुताई का काम किया करते थे।
इंटरमीडिएट तक उन्होंने एक सामान्य खिलाड़ी के तौर पर तीन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया। जिसमें अच्छे प्रदर्शन के बल पर नेशनल फिर इंटरनेशनल पैरा बैडमिंटन में जगह बनाई। जबकि अनूप बिष्ट की गिनती प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ खेल प्रशिक्षकों में होती है।
वह ओलंपियन मनीष रावत, यूथ ओलंपियन सूरज पंवार समेत कई खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। मियांवाला निवासी अनूप बिष्ट के प्रशिक्षण में एक दर्जन से ज्यादा खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। वे वर्तमान में महाराणा स्पोर्ट्स कालेज में एथलेटिक्स के कोच हैं और विभाग में डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं।