उनको आज भी कसक है कि 1993 में जब उनका नाम असिस्टेंट कमांडेंट के लिए आया था, तब हाईस्कूल पास न होने से उन्हें यह पद नहीं मिल सका। तीन पुत्रों में बलबीर प्रसाद सीआरपीएफ, राजकुमार आरपी रेजीमेंट में सूबेदार, कौशल किशोर दिल्ली पुलिस के फायर ब्रिगेड में इंजीनियर और कौशल की पत्नी डॉ. सीमा आर्या डीएवी कॉलेज कानपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं।
बताया कि वर्तमान में उनके साथ उनकी दूसरे नंबर की पुत्री आशा और उसकी कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाली पौत्री रीतू शर्मा और पत्नी सुरमा देवी हैं। दामाद रमेश की दो वर्ष पहले मौत हो गई थी। यहीं से वह दो अन्य पुत्रियों व तीन पुत्रों के पास आते जाते हैं।
इधर, थारू राइंका के गुरुजन नरेंद्र रौतेला ने भी दानीराम को प्रेरित किया। रौतेला ने बताया कि दिसंबर में आए परिणाम में रिटायर्ड सैनिक दानी राम ने 500 पर 303 अंक हासिल कर 60.6 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम श्रेणी में हाईस्कूल पास किया है। रिटायर्ड सैनिक बोले उनको 25,700 रुपये पेंशन मिलती हैं। बहरहाल, बुजुर्ग दानी राम प्रेरणा स्रोत बनकर गरीब बच्चों की पढ़ाई में मदद कर रहे हैं।