शुभ मुहूर्त का इंतजार खत्म हो गया है। 14 जनवरी से खरमास समाप्त होते ही शुक्र का भी उदय होगा और सूर्यदेवता उत्तरायण हो जाएंगे। इसके बाद आठ मार्च तक शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त की कमी नहीं रहेगी।
14 दिसंबर से खरमास के शुरू होने के बाद से हिन्दू धर्म में शादियों और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लग गई थी। अब 14 जनवरी दोपहर डेढ़ बजे खरमास समाप्त हो जाएगा।
14 जनवरी से लेकर आठ फरवरी तक शादी और सगाई आदि सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं। पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि जनवरी माह में विवाह के लिए कई शुभ मुहूर्त हैं।
भीष्म पितामह ने किया था सूर्य उत्तरायण का इंतजार
महाभारत में कौरव और पांडवों के युद्ध में बाणों की सैय्या पर लेटे भीष्म पितामाह ने छह माह तक इसलिए प्राण नहीं त्यागे थे, क्योंकि उस समय सूर्यदेव दक्षिणायन में थे।
पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि छह माह बाद जब सूर्यदेव उत्तरायण में आए तब भीष्म पितामह ने अपने प्राणों को त्याग किया था। मालूम हो कि भीष्म पितामह को इच्छा मृत्यु का वरदान मिला हुआ था।