14 मार्च (शनिवार) से खर-मास शुरू होंगे। खर मास 12 अप्रैल तक रहेंगे। इस अवधि में मांगलिक कार्य कराना शुभ नहीं माना जाता है। उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं के अनुसार खर-मास में ग्रहों के राजा सूर्य देव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करते हैं।
इस महीने सूर्य देव क्षीण अवस्था में रहते हैं। उनका प्रभाव कम हो जाता है। इस महीने में विवाह, गृह-प्रवेश, चूड़ा कर्म जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए। कुमाऊं के कई स्थानों पर खर-मास को नहीं माना जाता है, लेकिन शास्त्रों में उत्तराखंड में खर-मास को महत्व दिया है।
मीन राशि पर पड़ेगा असर
ज्योतिषाचार्य विजेंद्र प्रसाद के अनुसार खर मास के दौरान मीन राशि पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। मीन राशि के लोगों के शरीर में ताप की कमी व कंपन की समस्या आ सकती है। लोगों को ऊर्जा लेते रहनी चाहिए। स्वास्थ्य पर खास ध्यान देने की जरूरत होती है।