पार्टी पदाधिकारियों की बृहस्पतिवार को कांग्रेस मुख्यालय में हुई बैठक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह गरज उठे। उन्होंने पदाधिकारियों को संगठन और संघर्ष का मूलमंत्र दिया और कहा कि वे भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए काम करें।
गढ़वाल मंडल के पार्टी ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष सहित विधायकों, अन्य नेताओं की बैठक में प्रीतम ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार पिछले तीन साल में असफल साबित हुई है। सरकार से लोग नाराज हैं। पुरोहितोें को विश्वास में लिए बिना ही सरकार ने देवस्थानम अधिनियम लागू कर दिया। सरकार की हठधर्मिता के कारण कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
तय किया गया कि अप्रैल के पहले पखवाड़े में श्रीनगर में सरकार के खिलाफ पोल खोल रैली का आयोजन किया जाएगा। पदाधिकारियों ने कहा कि इस रैली को हल्द्वानी की विकास खोजों रैली की तरह ही ऐतिहासिक बनाया जाए। रैली के लिए पदाधिकारियों को टार्गेट दिए जाएं।
प्रीतम सिंह ने कहा कि संगठन को मजबूत करने और सरकार के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का काम कांग्रेस एक साथ जारी रखेगी। श्रीनगर रैली से पहले प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारी क्षेत्र का दौरा करेंगे। 18 मार्च को देहरादून में कांग्रेस प्रदेश सरकार की तीन साल की उपलब्धियों के खिलाफ धरना देगी। इस रैली में कांग्रेस के पूरे प्रदेश के पदाधिकारी भी शामिल हाेंगे।
गैरसैंण पर पार्टी लाइन का ध्यान रखें कांग्रेसी
प्रदेश अध्यक्ष ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के मामले में पदाधिकारियों को पार्टी लाइन से इतर न जाने की भी सलाह दी। प्रीतम ने कहा कि पार्टी के स्तर से गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की जा रही है। कांग्रेस सत्ता में आते ही सबसे पहले यही काम करेगी। पदाधिकारी साफ कहें कि स्थायी राजधानी कांग्रेस ही बनाएगी।
ब्लॉक अध्यक्षों को दी जाएगी ट्रेनिंग
बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों ने कहा कि उन्हें समय-समय पर ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए। इस ट्रेनिंग में पदाधिकारियों को संगठन से लेकर पार्टी के कार्यक्रम, रणनीति, मुख्य मुद्दों पर पार्टी के रुख आदि की जानकारी दी जाए। प्रीतम सिंह ने ब्लॉक अध्यक्षों की इस मांग को स्वीकार किया और कहा कि मंडल स्तर पर पार्टी इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित करेगी।