आरोपियों के पास से बरामद हुए लैपटॉप से कई राज खुलने की उम्मीद है। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि लैपटॉप को जांच के लिए फोरेसिंक लैब चंडीगढ़ भेजा जाएगा। एफएसएल की जांच में लैपटॉप में छिपे राज बाहर आने की उम्मीद है।
पांच से आठ करोड़ की देनदारी
एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि केरल निवासी अब्दुल शकूर बीटीसी बिटक्वाइन शकूर और बिटजेक्स के नाम से दो कंपनी चलाता था। अब्दुल शकूर की कोर कमेटी में शाहिब, आशिक, अरशद और मुनीफ शामिल थे, जो अपने एजेंटों से कंपनी में पूंजी निवेश कराते थे।
कोर कमेटी के इन सदस्यों पर पांच से लेकर आठ करोड़ की देनदारी है। इस तरह एजेंटों की भी काफी रकम फंसी है। दबाव के चलते ये लोग केरल से भागकर यहां आए थे। आरोपियों को जानकारी थी कि अब्दुल शकूर ने दबाव में पहले भी किसी को भुगतान किया था। इसी इरादे से मारपीट करने के साथ शकूर को शरीर पर सिगरेट दागकर यातनाएं दी गई थी।
केरल निवासी अब्दुल शकूर बिटक्वाइन में घाटा होने के बाद अपने कोर कमेटी के चार सदस्यों के साथ देहरादून भाग आया था। कोर कमेटी के सदस्यों को शक था कि अब्दुल शकूर के पास कई करोड़ के बिटक्वाइन हैं। पासवर्ड जानने को साथियों ने अब्दुल शकूर को यातनाएं दी थीं। यातनाओं में शकूर की मौत हो जाने के बाद आरोपी 28 अगस्त को उसका शव मैक्स अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे।
पुलिस ने कई दिन की भागदौड़ के बाद तीन लोगों को तो रुड़की से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में करोड़ों के बिटक्वाइन के चक्कर में अब्दुल शकूर की हत्या किए जाने की बात सामने आई थी। इस मामले में आशिक समेत सात आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।