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Dehradun: उत्तराखंड में लागू होगा केरल मॉडल, दून-दिल्ली मार्ग पर चलेंगी हाइड्रोजन बसें; इसके बाद सेवा विस्तार

Mon, 13 Jul 2026 06:24 AM IST
दुष्यंत शर्मा अंकित यादव, देहरादून

सार

परिवहन निगम उत्तराखंड से दिल्ली मार्ग पर हाइड्रोजन बसें चलाएगा। गुजरात में आयोजित प्रदर्शनी में पेश किए गए हाइड्रोजन गैस पर आधारित इस मॉडल को निगम ने योजना में शामिल किया है।
 
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सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में जल्द ही केरल मॉडल लागू करने की तैयारी है। परिवहन निगम उत्तराखंड से दिल्ली मार्ग पर हाइड्रोजन बसें चलाएगा। गुजरात में आयोजित प्रदर्शनी में पेश किए गए हाइड्रोजन गैस पर आधारित इस मॉडल को निगम ने योजना में शामिल किया है।

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जानकारी के मुताबिक नौ से 11 जुलाई तक गांधीनगर में बस एवं कार ओनर ऐसोसिएशन ऑफ इंडिया की प्रदर्शनी में उत्तराखंड परिवहन निगम के संचालन और तकनीकी संवर्ग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान वहां पर बसों की उन्नत तकनीकी से जुड़े कई मॉडल पेश किए गए। इनमें से शुरूआती तौर पर दो मॉडलों को उत्तराखंड में लागू करने के लिए परिवहन निगम ने योजना में शामिल किया है।

इसके लिए बजट का आकलन कर राज्य सरकार से सहायता मांगी जाएगी। पहला मॉडल हाइड्राेजन बसों से जुड़ा हुआ है। परिवहन निगम ने उत्तराखंड से दिल्ली मार्ग पर हाइड्रोजन बसें चलाने के लिए ढांचागत कार्य शुरू कर दिया है। जल्द ही इस प्रस्ताव तैयार कर निगम बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा। 
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अधिकारियों की मानें तो दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे पर हाइड्रोजन गैस की उपलब्धता होने की वजह से शुरूआत में इसी मार्ग पर बसें चलेंगी। इसका उद्देश्य प्रदूषण का उत्सर्जन जीरो करना है। इतना ही नहीं किराये में भी कमी की जाएगी। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

बसों की निगरानी के लिए बनेगा कमांड सेंटर
प्रदेश में रोडवेज बसों की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। इसकी मदद से हर बस पर नजर रखी जा सकेगी। कंट्रोल रूम को यह पता रहेगा कौनी सी बस कितनी गति से चल रही है। इसके अलावा संचालन मार्ग पर बस कितनी बार रुकी है। इसके अलावा जिन एक्सप्रेस बसों को ढाबों पर रुकने की अनुमति नहीं है उन्हें भी ट्रेस किया जाएगा।

जारी किया जाएगा टोल-फ्री नंबर
वर्तमान की व्यवस्था की बात करें तो रोडवेज बसों में शिकायत के लिए संबंधित डिपो के एजीएम और केंद्र प्रभारी का नंबर सार्वजनिक किया जाता है। कई बार ऑफिस टाइम पूरा होने और अवकाश होने पर अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। इससे निपटने के लिए एक टोल-फ्री नंबर जारी किया जाएगा। कमांड सेंटर में बैठे कर्मचारी 24 घंटे यात्रियों की शिकायतों को सुनकर उनका तुरंत निस्तारण करेंगे।

हाइड्रोज बसों के मॉडल को योजना में शामिल किया गया है। इन बसों को शुरूआत में दिल्ली मार्ग पर भेजा जाएगा। इसके बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में संचालन शुरू होगा।
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-क्रांति सिंह, महाप्रबंधक संचालन, उत्तराखंड परिवहन निगम

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