मसूरी। टिहरी गढ़वाल सीमा में स्थित कैंपटी फॉल में भीड़ बढ़ने के बाद कोरोना गाइड लाइन के पालन के लिए पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। कैंपटी फॉल में नहाने और घूमने के लिए सिर्फ 50 लोगों को आधे घंटे (30 मिनट) के लिए भेजा जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने टोकन व्यवस्था शुरू की है। आधा घंटा होते ही पुलिस का सायरन बजता है और इसके बाद नहाने गए सैलानियों को निकाल कर दूसरा दस्ता भेजा जाता है।
शनिवार को कैंपटी फॉल में सुबह सात बजे ही पुलिस पहुंच गई थी। चेकपोस्ट बनाकर दो दरोगा के साथ पुलिस के जवान पर्यटकों की चेकिंग के लिए तैनात किए गए। यहां पहुंचने वाले सभी सैलानियों को जांच के बाद आगे जाने दिया गया। एसडीएम धनोल्टी रविन्द्र जुवांठा भी दिन में कैंपटी पहुंचे और उनके साथ मौजूद राजस्व विभाग की टीम ने सैलानियों की जांच की और कोरोना गाइड लाइन के पालन की अपील की। इस दौरान 40 सैलानियों के बिना मास्क का चालान किया और जुर्माना वसूला गया। आठ सैलानियों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की। एसडीएम धनोल्टी रविन्द्र जुवांठा ने बताया कि झरना में एक बार में सिर्फ 50 लोगों को ही जाने की अनुमति दी जा रही है। कोरोना गाइड लाइन का सख्ती के साथ पालन कराने के लिए राजस्वकर्मियों को भी तैनात किया गया है। गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सैलानियों पर रहा कड़ा पहरा
फॉल का लुत्फ उठाने पहुंचे सैलानी प्रशासन की व्यवस्था से नाखुश नजर आए। सैलानियों को 50-50 के दल में फॉल में भेजा रहा था। इसके बाद आधे घंटे की पाबंदी के चलते सायरन बजते ही उन्हें बाहर निकाला जा रहा था। ऐसे में परिवार के साथ दूर दराज से पहुंचे लोगों का मजा किरकिरा हो गया। लोगों का कहना था कि कोरोना गाइड लाइन का पालन कराना ठीक है, लेकिन पर्यटन स्थल में इतनी सख्ती ठीक नहीं है। प्रशासन को कोई सहूलियत वाली व्यवस्था बनानी चाहिए। सैकड़ों किलोमीटर दूर से यहां आकर अफरातफरी भरे माहौल में नहाना और सैर सपाटे का कोई मतलब नहीं है।
3000 पर्यटक पहुंचे, 200 वाहनों को लौटाया
थानाध्यक्ष नवीन चंद्र जुरान के अनुसार शनिवार को करीब तीन हजार पर्यटक कैंपटी फॉल में पहुंचे। इनमें 200 वाहनों को वापस भेजा गया। इन लोगों के पास कोविड जांच और अन्य जरूरी कागजात नहीं थे।
सिपाही ने लौटाया सैलानी का खोया पर्स
कैंपटी पुलिस के जवान ने ईमानदारी का परिचय देते हुए सैलानी का खोया पर्स और महत्वपूर्ण दस्तावेज लौटाए।
थानाध्यक्ष कैंपटी नवीन चंद्र जुराल ने बताया कि कैंपटी फॉल में घूमने आए राजस्थान के अलवर के रहने वाले सैलानी संजय कुमार शर्मा का पर्स और डायरी घूमते समय कहीं गिर गई थी। ड्यूटी पर तैनात गजेंद्र मलिक को पर्स और डायरी मिली। गजेंद्र मलिक ने डायरी में लिखे फोन नंबर संपर्क कर सैलानी को बुलाकर उसका खोया पर्स और डायरी सौंप दी। सैलानी संजय कुमार शर्मा ने पुलिस कांस्टेबल गजेंद्र की ईमानदारी की जमकर तारीफ की है।
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कैंपटी फॉल में भीड़ नियंत्रण और कोरोना गाइड लाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए टोकन व्यवस्था शुरू की गई है। कैंपटी फॉल से पहले पुलिस चेक प्वांइट पर तीन रंग के टोकन जारी किए जा रहे हैं। प्रथम टोकन वाले पहले 50 लोगों को झरने में नहाने के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद हूटर बजने पर पर्यटकों को झील से बाहर भेजकर प्रतीक्षारत दूसरे पर्यटकों को झील भेजा जाता है। तीसरे टोकन वाले सैलानियों के लिए एक घंटे बाद का समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट वालों को ही कैंपटी फॉल में जाने की अनुमति दी जा रही है।
-तृप्ति भट्ट, एसएसपी, टिहरी