दिवाली के दिन गर्भवती महिलाओं को पटाखे से दूर ही रहना चाहिए। तेज आवाज वाले पटाखों की धमक से गर्भस्थ शिशु पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। दून महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा.अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि अगर कोई तेज आवाज वाले पटाखे छुड़ाता है तो गर्भवती महिलाएं वहां से हट जाएं।
कार्निया डैमेज कर देती है पटाखों की तेज रोशनी
दिवाली वाले दिन तेज रोशनी वाले पटाखों से बच्चों को जरूर बचाएं। तेज रोशनी वाले पटाखे बच्चोें की आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. बीसी रमोला ने बताया कि पटाखों की अल्ट्रा वायलेट किरणों से कार्निया को नुकसान हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि पटाखे छुड़ाने के बजाए दीप जलाएं, जिससे रोशनी हो।
अब उम्र नहीं देखता हृदय रोग
हृदय रोग होने के लिए अब उम्र का कोई मतलब नहीं है कि बुढ़ापे में ही दिल का मर्ज होगा। बिगड़े खानपान और लाइफ स्टाइल के कारण युवा हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं। श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में आयोजित निशुल्क हृदय रोग परीक्षण शिविर में कार्डियोलोजिस्ट डा. तनुज भाटिया ने लोगों को यह बात समझाई। शिविर में 75 लोगों ने पंजीकरण कराया।
श्रीमहंत इन्दिरेश अस्पताल में दो दिवसीय निशुल्क हृदय रोग परीक्षण शिविर की शुरुआत शुक्रवार से हुई। डा भाटिया ने बताया कि शिविर में आए अधिकांश मरीज 50 से 70 वर्ष आयु वर्ग के थे। शिविर में रोगियों की टीएमटी और ईको जांच की गई। इसके अलावा पेस मेकर टेस्टिंग भी की गई।
हार्ट अटैक संबंधी रोगी पहुंचे
शिविर में हार्ट अटैक और वाल्ब सम्बन्धी समस्या के अधिक रोगी पहुंचे। डॉ भाटिया ने बताया की ह्दय रोगों से सम्बन्धित मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। आयु सीमा अब ह्दय रोगों के लिए बाध्यता नहीं रह गई है। संतुलित आहार व नियमित जीवन शैली अपनाकर व नियमित व्यायाम को अपनाकर ह्दय रोगों से बचाव किया जा सकता है।