पीएम मोदी कर चुके साधना
अस्सी के दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरुड़चट्टी में लगभग तीन माह तक साधना की थी। तब वह प्रतिदिन गरुड़चट्टी से मंदिर आते थे और बाबा केदार के दर्शन कर जलाभिषेक करते थे। वरिष्ठ तीर्थपुरोहित श्रीनिवास पोस्ती बताते हैं कि प्रधानमंत्री का केदारनाथ से विशेष लगाव है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वर्ष 2017 में वह पहली बार जब धाम पहुंचे थे, तब उन्होंने गरुड़चट्टी में बिताए दिनों को याद किया और उस दौरान के लोगों के नाम भी लिए थे।
आपदा में ध्वस्त हो गया था पुराना मार्ग
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा से केदारनाथ तक लगभग आठ किमी पैदल मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था। इस मार्ग के ध्वस्त होने से गरुड़चट्टी व केदारनाथ से संपर्क टूट गया था। केदारनाथ तक पहुंच के लिए मार्च 2014 में रामबाड़ा से मंदाकिनी नदी के बाई तरफ से 9 किमी नया रास्ता तैयार किया गया, जिस पर बीते एक दशक से यात्रा संचालित हो रही है।
रामबाड़ा-गरुड़चट्टी पुराने मार्ग को पुनर्जीवित करने का कार्य पुन: शुरू कर दिया गया है। 5.35 किमी लंबे व 1.8 मीटर चौड़े रास्ते को इस वर्ष के मध्य तक पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इन दिनों यहां 70 मजदूर रास्ते बनाने के काम में जुटे हैं। - विनय झिक्वांण, अधिशासी अभियंता लोनिवि गुप्तकाशी/केदारनाथ