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केदार बाबा की यात्रा कल से बहाल, देखें नया रूट प्लान

Fri, 04 Oct 2013 12:46 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड आपदा के बाद पहली बार केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा शुरू होने जा रही है। यह यात्रा 1 अक्टूबर को शुरू होने वाली थी लेकिन तैयारियां न होने के कारण 5 अक्टूबर से होने जा रही है। उत्तराखंड सरकार के मुताबिक यात्रा के लिए जरूरी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएंगी। इस यात्रा के लिए उत्तराखंड सरकार ने प्लान जारी किया है।
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यात्रा प्लान
यह यात्रा सोनप्रयाग से शुरू होगी। यहीं पर सभी यात्री एकत्रित होंगे जहां से वो पहले पड़ाव भीमबली के लिए प्रस्थान करेंगे। इस जत्थे में 130 यात्री होंगे।

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सोनप्रयाग से भीमबली की दूरी करीब 11 किलोमीटर है। यहां से यह जत्था दूसरे पड़ाव लिनचौली के लिए रवाना होगा। दोनों पड़ावों में 130 यात्रियों के ठहरने और खाने की व्यवस्था होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए गौरीकुंड में एक डॉक्टर और फार्मासिस्ट की तैनाती भी कर दी गई है।
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राजधानी देहरादून से केदारनाथ का रूट
देहरादून-ऋषिकेश-श्रीनगर-रुद्रप्रयाग-गुप्तकाशी-सोनप्रयाग-मुंडकटिया-गौरीकुंड-भीमबली-लिनचौली-गरुणचट्टी-केदारनाथ

20 किमी चलना होगा पैदल
मुंडकटिया तक वाहन से जाने का रास्ता है। यहां से केदारनाथ की दूरी करीब 20 किलोमीटर है। मुंडकटिया से गौरीकुंड की दूरी 3 और यहां से भीमबली की दूरी 6 किमी है। भीमबली में पहला पड़ाव है।

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वैसे तो यहां 130 यात्रियों के ठहरने और खाने की व्यवस्था है लेकिन जो यात्रा कर सकता है वो जा सकता है। भीमबली से 4 किमी दूरी पर लिनचौली है। यहां भी ठहरने और खाने की व्यवस्था है। इस पड़ाव से 5 किमी की दूरी पर गरुणचट्टी फिर वहां से 2 किमी की दूरी पर केदारनाथ है।

यात्रियों के साथ चलेंगे पुलिस के जवान
केदारनाथ यात्रा को लेकर सरकार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है। सोनप्रयाग में पुलिस चौकी स्थापित की गई है। यहां से यात्रियों के जत्थे के साथ पुलिस के जवान रेडियो सेट लेकर चलेंगे।

मंदाकिनी पर बना पुल
भीमबली से मंदाकिनी नदी को पार करना होगा। इसके लिए चार फीट चौड़ा पुल बनाया गया है। दूसरा पड़ाव लिनचौली बनाया गया है। यहां पर लगभग 100 लोगों के टेंट में रहने की व्यवस्था है। यहां डॉक्टर, पुलिस और प्रशासन के कर्मचारी भी तैनात होंगे।

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यहां प्रशासन द्वारा नि:शुल्क लंगर की व्यवस्था की गई है। यहां से लगभग साढे़ चार किमी. चढ़ाई चढ़ने के बाद यात्रियों का जत्था गरुड़चट्टी कैंप पहुंचेगा। यहां प्री फेब्रिकेटेड हट्स और टेंटों में 50-50 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। गरुड़चट्टी में भी खाने की नि:शुल्क व्यवस्था है।

गुप्तकाशी में होगा स्वास्थ्य परीक्षण
केदारनाथ जाने के लिए अनुमति पत्र गुप्तकाशी स्थित राहत आयुक्त ऑफिस से मिलेगा। राजकीय एलोपेथिक अस्पताल गुप्तकाशी में केदारनाथ जाने वाले यात्रियों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।

धाम को नियमित हवाई सेवाएं
गौरीकुंड, भीमबली, लिनचोली, गरुड़चट्टी और केदारनाथ में हेलीपैड बनाए गए हैं। जिलाधिकारी के मुताबिक धाम के लिए हवाई सेवाएं भी नियमित रूप से चलेंगी। इसमें गुप्तकाशी से दो और देहरादून से एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरेगा।

सोनप्रयाग में प्रीपेड बुकिंग
केदारनाथ यात्रा में तीर्थयात्रियों के लिए घोड़े-खच्चरों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सोनप्रयाग में घोड़े-खच्चरों की प्रीपेड बुकिंग की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी डा. आएस पोखरिया ने बताया कि सीमित संख्या में रजिस्ट्रेशन किया जाएगा।
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