कपाट खुलने से पहले केदारनाथ में मौसम फिर रंग बदल रहा है। बुधवार शाम को भी केदारधाम में बारिश और बर्फबारी हुई। मौसम विभाग ने 23 और 24 अप्रैल को भी मौसम खराब रहने की आशंका जताई है। रुद्रप्रयाग जिले में हल्की बर्फबारी-बारिश संभव है। यात्रा के समय बर्फबारी भक्तों का इम्तिहान ले सकती है।
हालांकि धाम के पैदल रास्ते पर एसडीआरएफ तैनात है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) का दावा है कि पूरा रूट खुला हुआ है। लेकिन पैदल रास्ते से लेकर धाम तक तैयारियां अब भी चल रही हैं, जिन्हें खराब मौसम प्रभावित कर रहा है।
पैदल रास्ते पर गौरीकुंड से भीमबली के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन जोन हैं, जिनका ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। रास्ते में कई स्थानों पर पहाड़ियों से गिरते पानी के कारण फिसलन भी है।
अप्रैल माह में हुई बर्फबारी के कारण केदारनाथ में पहले से ही करीब सात फीट तक बर्फ जमा है। अब भी बर्फबारी जारी रहती है तो पैदल रास्ते से लगातार बर्फ हटाने की चुनौती का सामना करना होगा। रामबाड़ा से लिनचौली और केदारनाथ तक कई फीट बर्फ परेशानी का सबब बनी हुई है।
रास्ते में मिलेंगे नौ हिमखंड
श्रद्धालुओं को लिनचोली से केदारनाथ तक नौ हिमखंडों के बीच से होकर मंदिर पहुंचना होगा। ऐसे में खतरे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। रामबाड़ा से पहले बारिश रास्ते को फिसलन भरा बनाएगी।
खासकर सोनप्रयाग से लेकर गौरीकुंड के बीच का पांच किलोमीटर का रास्ता पैदल चलने वालों पर भारी पड़ सकता है। गौरीकुंड से ठीक पहले सड़क मार्ग के बारिश के कारण बाधित होने की भी संभावना है।
बर्फबारी के कारण बेहद कम तापमान उन लोगों के लिए दिक्कत पैदा करेगा, जो सर्द मौसम के आदी नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 25 अप्रैल तक कुछ चुनिंदा स्थानों पर मौसम खराब रहेगा।
27 अप्रैल से नया सिस्टम विकसित हो रहा है। इस कारण भी मौसम खराब रह सकता है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात की संभावना है। अन्य धामों में भी मौसम परेशानी खड़ा कर सकता है। चमोली और उत्तरकाशी में भी 23-24 अप्रैल को हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है।
केदारधाम की राह में दिक्कतें और भी
पैदल रास्ते पर विभागों ने तेजी बमुश्किल एक सप्ताह पूर्व दिखाई है। गौरीकुंड से रामबाड़ा तक पेयजल टंकियों की अब तक सफाई नहीं हो पाई है। रामबाड़ा से लिनचोली तक पीने का पानी नहीं है। लिनचोली से केदारनाथ तक पूरी पेयजल लाइन अब भी बर्फ में दबी है।
धाम में मंदाकिनी नदी से पानी की सप्लाई हो रही है। गौरीकुंड से धाम तक पैदल रास्ते पर गिनती की एलईडी लाइटें लगी हैं। 16 किमी के पैदल रास्ते पर गौरीकुंड से रामबाड़ा तक जंगलचट्टी में तीन और भीमबली में एक ही दुकान खुल पाई है।
यात्रा मार्ग पर 21 दुकानें खुलनी हैं। हालांकि, केदारनाथ धाम में निम ने 50 टेंट लगा दिए हैं, जिसमें पहले दिन पहुंचने वाले श्रद्धालु किराया देकर ठहर सकते हैं।