फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस शुभ मुहूर्त में खुलेंगे केदारनाथ और गंगोत्री-यमुनोत्री मंदिर के कपाट

Mon, 24 Apr 2017 07:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
विज्ञापन
विज्ञापन
भगवान आशुतोष के 12 ’योर्तिलिंगों में शामिल केदारनाथ मंदिर के कपाट 3 मई को प्रात: 8.50 मिनट पर खोले जाएंगे। श्रद्धालु अगले छह माह तक बाबा केदार की पूजा-अर्चना कर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर समिति व प्रशासन द्वारा यात्रा की तैयारियां जोरों पर की जा रही है।
विज्ञापन


6-कुमाऊं रेजीमेंट के बैंड और भक्तों के जयकारों के बीच 30 अप्रैल को पंचकेदार गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर से बाबा केदार की पंचमुखी भोग मूर्ति चल विग्रह डोली में अपने धाम के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंचेगी।

1 मई को फाटा से रात्रि प्रवास के लिए डोली गौरीकुंड पहुंचेगी। 2 मई को प्रात: 7 बजे गौरीकुंड में बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद बाबा केदार की डोली पैदल मार्ग से जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली, छानी कैंप, रुद्रा प्वाइंट होते हुए 17 किमी का सफर तय करते हुए भक्तों के उल्लास के बीच दोपहर 2 बजे तक केदारनाथ पहुंचेगी।
विज्ञापन


जबकि 3 मई को शुभ मुर्हूत पर रावल भीमाशंकर लिंग और मुख्य पुजारी द्वारा मंत्रो%चार और बाबा केदार की स्तुति के बीच प्रशासन और मंदिर समिति के अधिकारियों और विशेष अतिथियों की मौजूदगी में प्रात: 8.50 मिनट पर मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
विज्ञापन

इस समय खुलेंगे यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट 

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 28 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व के दिन 12 बजकर 15 मिनट पर खुलेंगे। गंगोत्री-यमुनोत्री में कपाट खुलने से लेकर मां गंगा व यमुना की डोलियों के शीतकालीन पड़ाव से प्रस्थान की भी तैयारियां इन दिनों चल रही हैं। 

मां गंगा की डोली इन दिनों शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ (मुखवा) में है। जहां से 27 अप्रैल को मां गंगा की डोली गंगोत्री के लिए दोपहर एक बजे प्रस्थान करेगी। अगले दिन 28 अप्रैल को अक्षय तृतीय के दिन 10.30 बजे सुबह गंगा पूजन होगा। जबकि 11.30 बजे गंगा सहस्त्रनाम पाठ किया जायेगा। इसके बाद दोपहर 12.15 बजे कर्क लग्न में मुहुर्त के अनुसार कपाट खोले जायेंगे।

गंगोत्री में इन दिनों घाटों का सौंदर्यकरण के साथ मंदिर को सजाने का काम किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर 28 अप्रैल को मां यमुना की डोली शीतकालीन पड़ाव खरसाली गांव से सवा नौ बजे यमुनोत्री धाम के लिए रवाना होगी। इस मौके पर समेश्वर देवता की डोली भी अपनी बहिन यमुना को यमुनोत्री धाम तक विदा करने जायेगी।

यमुनोत्री धाम के कपाट भी कर्क लग्न में अक्षय तृतीया के दिन दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर खोले जायेंगे। यमुनोत्री धाम में इन दिनों मंदिर को सजाने की तैयारी अंतिमचरण में है। यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता बागेश्वर प्रसाद उनियाल ने बताया कि खरसाली में मां यमु की विदाई की तैयारी चल रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें