15 दिन में मांगा है जवाब : डीएम
डीएम मयूर दीक्षित ने कहा कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के सुझाव और स्वयं हालातों का जायजा लेने के बाद हेलिकॉप्टर सेवा का संचालन कर रही सभी सात हेली कंपनियों को पत्र लिखकर अपने हेलिपैड के निकट के स्कूलों में साउंड प्रूफ कक्षा-कक्षा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सभी कंपनियों को 15 दिन में उचित कार्रवाई कर जवाब देने को कहा गया है। आदेश का पालन नहीं होने पर हेली कंपनी को केदारनाथ यात्रा के लिए कम से कम तीन वर्ष के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। साथ ही केदारघाटी के गांवों में जनसुविधाओं की बेहतरी के लिए हेली कंपनियों को यात्राकाल में अपनी कुल कमाई की पांच फीसदी धनराशि सीएसआर में देनी होगी।
हेलिकॉप्टर की गर्जना से प्रभावित होने वाले स्कूल
राजकीय प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल देवर, प्राथमिक विद्यालय मस्ता, प्राथमिक विद्यालय नारायणकेाटी, जीआईसी नारायणकोटी, जूनियर हाईस्कूल मैखंडा, प्राथमिक विद्यालय खाट व खड़िया, जीआईसी फाटा और प्राथमिक विद्यालय शेरसी।
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एक दिन में हो रहे औसतन 180 शटल
केदारनाथ यात्रा में सात हेली कंपनियों के सात हेलिकॉप्टर एक दिन में औसतन 180 से शटल कर रहे हैं। दिनभर केदारघाटी हेलिकाॅप्टरों की गर्जना से गूंज रही है। यही नहीं, हेलिकॉप्टरों से ध्वनि प्रदूषण भी हो रहा है जो आमजन से लेकर वन्य जीवों के लिए सही नहीं है। पूर्व में वन विभाग की ओर से किए गए शोध के अनुसार गुप्तकाशी से केदारनाथ तक हेलिकॉप्टर के टेक ऑफ से लेकर लैंडिंग तक औसत ध्वनि 74 डेसीबल से 108 डेसीबल तक है।
हेलिकॉप्टरों के शोर से स्कूलों में पढ़ाई चौपट होकर रह गई है। इस संबंध में जिलाधिकारी से वार्ता हुई थी, जिसमें उन्होंने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया था। डीएम का यह निर्देश सराहनीय है। - गणेश तिवारी, जिला पंचायत सदस्य गुप्तकाशी।