साथ ही पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल आदिगुरु शंकराचार्य की समाधि स्थल का पुनर्निर्माण कार्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।
बर्फ से लकदक रास्ते व धाम तक कपाट खुलने से लेकर शुरुआती एक महीने के लिए श्रद्धालुओं और ड्यूटी वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को जरूरी सुविधाएं जुटाना भी आसान नहीं होगा। बर्फबारी से पैदल मार्ग से धाम तक संपत्तियों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।
आगामी यात्रा को ध्यान में रखते हुए डीडीएमए-लोनिवि को पैदल मार्ग से धाम तक बर्फ हटाने के निर्देश दे दिए हैं। टीम के मौके पर पहुंचने पर ही वास्तविक स्थित और क्षति का पता चल पाएगा। सभी कार्यदायी संस्थाओं को कार्यस्थलों पर पहुंचने को कहा गया है।
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग