केदारनाथ यात्रा को बेहतर, सुव्यवस्थित बनाने के साथ ही यात्रियों से होने मनमानी को रोकने के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से फीडबैक लेने की योजना शुरू की है। इसके तहत शनिवार को पहले दिन एक शिकायत भी दर्ज की गई। शिकायतकर्ता ने घोड़ा-खच्चर संचालक द्वारा तय दरों से अधिक भाड़ा वसूलने की शिकायत की थी, जिस पर त्वरित कार्रवाई की गई।
3 मई से शुरू हुई बाबा केदार की यात्रा में पहले दिन से ही पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालकों की ओर से मनमानी की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सक्रिय हो गया। यात्रियों के साथ मनमानी न हो इसके लिए सोनप्रयाग व गौरीकुंड में विशेष काउंटर खोला गया है, जहां यात्री यात्रा से जुड़ी खामियों को दर्ज कराने के साथ बेहतरी के सुझाव भी दे सकते हैं।
इन सुझावों के आधार पर आगे के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। शनिवार को यात्रा को लेकर एक शिकायत दर्ज हुई है, जिसमें एक यात्री ने घोड़ा-खच्चर संचालक द्वारा तय दरों से अधिक वसूलने की बात कही है। यात्रा मजिस्ट्रेट हिमांशु खुराना ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए संचालक की मजदूरी रोक दी गई है। उसके द्वारा तय दर से अधिक वसूली गई धनराशि को प्रीपेड काउंटर पर जमा करने को कहा गया है।
5379 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
साथ ही शिकायतकर्ता के मोबाइल पर संपर्क कर उसका बैंक खाता मांगा गया है, जिसमें उस राशि को जमा कर दिया जाएगा। ऐसे ही अन्य यात्रियों को भी यह सुविधा दी जाएगी। अन्य यात्रियों ने प्रशासन की इस व्यवस्था को सराहा है।
गौरीकुंड और सोनप्रयाग में प्रीपेड काउंटर पर जहां दिन में तीन बार यात्रा मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट व थाना/चौकी प्रभारी द्वारा चेकिंग की जा रही है। वहीं, पैदल मार्ग पर जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली, छानी कैंप में एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों की तैनाती की जा रही है।
इधर, बाबा केदार के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से यात्रा का फीड बैक लिया जा रहा है।
5379 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
रुद्रप्रयाग। बाबा केदार की यात्रा के चौथे दिन 5379 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ पहुंचकर दर्शन किए, जिसमें 2756 पुरुष, 2498 महिलाएं और 125 बच्चे शामिल थे। धाम में अभी तक 26757 यात्री दर्शन कर चुके हैं।