हेली सेवा के टेंडर में भाग लेने वाली कंपनी के पास कम से कम तीन (दो अपना और एक लीज पर) हेलीकॉप्टर होना चाहिए। कंपनियों के पास मंदाकिनी वैली में कम कम दो हेलीपैड (अपना या लीज) पर होने चाहिए।
हेलीकॉप्टर भी दस साल से अधिक पुराने नहीं होने चाहिए। टेंडर की इस शर्त से पिछले साल हेली सेवा उपलब्ध कराने वाली कई कंपनियां बाहर हो जाएंगी। इसको लेकर कई आपरेटरों में रोष है। उन्होंने अपनी बात मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक भी पहुंचाई थी, लेकिन इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है।
तीन-चार कंपनियां ही शर्तें पूरी कर पाएंगी
हेली सेवा के मानकों में बदलाव किए जाने की वजह से तीन-चार कंपनियां ही टेंडर की शर्तें पूरी कर पाएंगी। क्वालिफाई कर पाएंगी। आपरेटरों का कहना है कि जब यात्रा अपने चरम पर होगी और 14 हेलीपैड की जगह जब गिने चुने हेलीपैडों से मजह तीन से चार कंपनियों के हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे तो यात्रियों को हेलीकॉप्टर से केदारनाथ पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
क्योंकि पहले जब 14 हेलीपैड से हेलीकॉप्टर उड़ान भरते थे तो उस समय भी यात्रियों को हेलीकॉप्टर में सीट मिलने के लिए कॉफी इंतजार कराना पड़ता था। अब जब सीमित हेलीकॉप्टर ही केदारघाटी में उड़ान भरेंगे तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस साल यात्रियों को हेलीकॉप्टर से केदार पहुंचने के लिए कॉफी सारी दिक्कतों का सामना करना पडे़गा।