केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी लौटते समय गुरुड़चट्टी के पास दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) करेगी। हादसे के बाद जांच के लिए डीजीसीए के विशेषज्ञ की टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई है। इसके अलावा सरकार ने हादसे के कारणों की जांच के लिए डीएम रुद्रप्रयाग को मजिस्ट्रेटी जांच सौंपी है।
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, सिरसी, फाटा से हेली सेवा संचालित होती है। जिसमें नौ एविएशन कंपनियों के माध्यम से शटल सेवा चलाई जाती है। मंगलवार को हुए हादसे की तकनीकी जांच के लिए डीजीसीए की टीम ने दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचकर घटनास्थल के रवाना हो गई है।
हेलीकॉप्टर के इंजन में तकनीकी खराबी आई या केदारघाटी में खराब मौसम के चलते घना कोहरा हादसे की वजह रही, इसकी जांच डीजीसीए के विशेषज्ञों की टीम करेगी। सरकार की ओर से डीएम रुद्रप्रयाग के माध्यम से भी हादसों के कारणों जांच कराई जा रही है। हेलीकॉप्टर की क्षमता सात सीटर थी। इसमें एक पायलट और 6 यात्री एक समय में जा सकते हैं।
अपर सचिव व उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर हादसे का कारण खराब मौसम माना जा रहा है। आर्यन एविएशन के माध्यम से संचालित हेली सेवा से संबंधित जानकारी मांगी गए है।