ये है असली वेबसाइट
www.heliyatra.irctc.co.in
एसटीएफ ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
9456591505 और 9412080875
ठगी होने यहां करें शिकायत
साइबर वित्तीय हेल्पलाइन 1930, नजदीकी साइबर हेल्पलाइन, जिले की साइबर सेल, साइबर थाना
ये वेबसाइट कराई गईं ब्लॉक
1. https://www.helicopterticketbooking.in/
2. https://radheheliservices.online
3. https://kedarnathticketbooking.co.in/
4. https://heliyatrairtc.co.in/
5. https://kedarnathtravel.in/
6. https://instanthelibooking.in
7. https://kedarnathticketbooking.in/
8. https://kedarnathheliticketbooking.in/
मुख्य पेज पर है केदारनाथ धाम की फोटो
आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर केदारनाथ धाम की फोटो लगी है। बुकिंग के लिए विंडो खुलती है। इन फर्जी वेबसाइटों को भी हूबहू इसी तरह बनाया गया था। इनके मुख्य पेज पर भी केदारनाथ धाम की फोटो लगी थी। लगभग उसी तरह जानकारियां भी मांगी जा रही थीं, जैसे आईआरसीटीसी की हेली बुकिंग वेबसाइट पर।
टिकट ब्लैक करने की भी आ रही सूचना
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुकिंग फुल हो चुकी है। अब एक मई से सात मई तक बुकिंग की जा सकेगी। इस बीच ऐसी खबरें भी आई हैं कि कुछ लोगों ने टिकट ब्लैक करने के लिए बल्क में बुकिंग की है। इसके बाद दूसरे लोगों को ऊंचे दामों में बेचा जा रहा है। बता दें कि इस तरह से पहले रेलवे में भी किया जाता था। दूसरे के नाम पर बुक टिकट को ऊंचे दामों पर खरीदा जाता था। इसके बाद रेलवे काउंटर पर आईडी देकर सीट अपने नाम पर इश्यू करा लिया जाता था। इसी तरह से हेली बुकिंग के नाम पर भी किया जा सकता है। हालांकि, इसका पता तभी लगेगा, जब लोग काउंटर पर आएंगे। एडीजी कानून व्यवस्था वी मुरुगेशन ने बताया कि हेली बुकिंग के नाम पर संभावित ठगी को देखते हुए कार्रवाई की गई है। जहां तक टिकट ब्लैक करने की बात है तो समय आने पर इसकी जांच भी कराई जाएगी। फिलहाल, अधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।
ऐसे करें पहचान
असली वेबसाइट
-कोई मोबाइल नंबर नहीं लिखा हुआ है।
-मौजूदा समय में बुकिंग बंद होने की बात लिखी है।
-किसी भी तरह के हेलीकॉप्टर की फोटो नहीं बनी है।
-हेलीकॉप्टर बुकिंग का जिक्र नहीं है। केवल हेलीयात्रा लिखा है।
-आईआरसीटीसी के लोगो से पहले उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलेपमेंट अथॉरिटी का लोगो भी है।
नकली वेबसाइट
- मुख्य पेज पर ही कई जगह मोबाइल नंबर लिखे हैं।
- ठगी के लिए व्हॉट्सएप लिंक भी पेज पर लगाए गए हैं।
- कुछ वेबसाइट पर हेलीकॉप्टर के लोगो भी लगाए गए हैं।