फिल्म में लड़का मुस्लिम और लड़की हिन्दू है और इनकी शादी को लेकर लड़की वाला परिवार कहता है कि अगर प्रलय भी आ जाएगा तो शादी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म के प्रोमो/ट्रेलर में दिखाया गया है कि हीरो कहता है कि हमारे पूर्वज सदियों से केदारनाथ में रहते आ रहे हैं जबकी ऐसा नहीं हैं।
याची ने बताया कि सेंसर बोर्ड को भी ज्ञापन भेज आपत्ति दर्ज कर दी गई है। केदारनाथ देश के लिए मोक्ष धाम के रूप में प्रचलित है और जगत गुरु शंकराचार्य ने भी चार धाम की स्थापना के बाद यही शरीर त्यागा था।
इससे आहत होकर हमने लोकतंत्र के मंदिर में केदारनाथ की आस्था को बचाने की मांग की है। उन्होंने ये भी बताया कि केदारनाथ और बद्रीनाथ मन्दिर समिति ने भी याचिका में साथ देते हुए कहा है कि फिल्म निर्माण में उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई है। याचिका दायर होने के बाद अब इसपर जल्द होगी सुनवाई।