आपदा राहत के दौरान भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद विपक्ष की ओर से घेराबंदी का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आपदा के दौरान अफसरों का मांस खाना कोई गलत बात नहीं है।
रुद्रप्रयाग में सेना, पुलिस, एसडीआरफ से लेकर अधिकारी और प्रेस के लोग मौजूद थे, तब अगर किसी ने चिकन-मटन खाया, तो इसमें बुरा भी क्या है। सेना और पुलिस के मेस में तो चिकन-मटन बनता ही है। रविवार को रुद्रप्रयाग और चमोली जिले के दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि मुख्य सचिव मामले की जांच कर रहे हैं।
जांच में कोई भी दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यूं तो जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, लेकिन एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट सबके सामने होगी। मालूम हो कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी में पिछले दिनों यह बात सामने आई थी कि जून 2013 की आपदा के बाद जब लोग भूखों मर रहे थे, अधिकारी राहत कार्य के दौरान चिकन-मटन खा रहे थे।