केदारनाथ जल प्रलय में लापता चल रहे लोगों की जांच-पड़ताल के लिए गठित विवेचना सेल का काम जिले में पूरा हो गया है।
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जिले के पुलिस विभाग ने विवेचना के उपरांत गुमशुदगी रिपोर्ट पीएचक्यू (पुलिस हेड क्वार्टर) भेज दी है। इसके अनुसार 3,858 लोग केदारनाथ यात्रा में लापता हो गए। जबकि केदारनाथ जलप्रलय के बाद दर्ज रिपोर्टों के आधार पर यह आंकड़ा 7,124 था।
274 यात्री वापस घर लौटे
विवेचना के बाद पता चला कि 274 यात्री वापस घर लौट भी आए हैं। 16/17 जून को भारी बारिश और ग्लेश्यिर टूटने से केदारनाथ में मची तबाही में हजारों लोग हताहत हो गए।
सबंधित लोगों के परिजनों द्वारा विभिन्न स्थानों में 1807 गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके मुताबिक नेपाल के अलावा भारत के 20 राज्यों के सात हजार 124 लोग इस आपदा में गुमशुदा हो गए थे।
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उत्तराखंड सहित अन्य प्रदेशों में दर्ज गुमशुदगी को रुद्रप्रयाग जिले को भेज दिया गया। घटनास्थल केदारनाथ में होने के कारण सभी गुमशुदगी को ऊखीमठ थाने को ट्रांसफर करते हुए एफआईआर दर्ज कर दी गई।
504 गुमशुदगी मर्ज
एक ही व्यक्ति/परिवार के संबंध में अलग-अलग स्थानों में दर्ज 504 गुमशुदगी मर्ज कर दी गई। जिसके बाद 1303 विवेचना शेष बची। एफआईआर की विवेचना हेतु पुलिस द्वारा 70 विवेचना अधिकारी (सब इंस्पेक्टर) की ड्यूटी लगाई गई।
जिन्होंने लापता लोगों के गांव/शहर जाकर (नेपाल के अलावा) उनके संबंध में छानबीन की। लगभग तीन माह तक पुलिस ने 1242 विवेचनाओं का निस्तारण किया।
484 ऐसे गुमशुदा लोग हैं, जिनकी केदारनाथ यात्रा में आने की पुष्टि नहीं हुई या उनकी झूठी गुमशुदगी लिखाई गई थी। हालांकि अभी 60 विवेचनाएं लंबित चल रही हैं।
विवेचना कार्य पूर्ण हो गया है। रिपोर्ट पीएचक्यू भेज दी गई है। नेपाल को छोड़कर हमारे देश के 3726 लोग आपदा में लापता हुए हैं।
अभी कुछ स्थानों से गुमशुदगी आ रही है। उनकी विवेचना होनी शेष है। इसके बाद फाइनल आंकड़ें स्पष्ट हो जाएंगे।
- बीजे सिंह, पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग