इधर, केदारनाथ में तैनात यात्रा पुलिस उपाधीक्षक अविनाश वर्मा ने कहा कि मंदिर के निकासी द्वार पर श्रद्धालुओं का समूह दर्शन के लिए आया हुआ था। इस दौरान तीर्थयात्रियों ने वीआईपी गेट से दर्शन करने की जिद की, जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोका तो वे उग्र होकर पुलिस से दुर्व्यवहार करने लगे। पुलिस द्वारा उन्हें समझा कर वहां से हटाया। उन्होंने यात्रियों पर पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की, अभद्रता और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं पुलिस अधीक्षक डाॅ. विशाखा अशोक भदाणे ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। बताया कि वीआईपी गेट पर तैनात पुलिस कर्मी को अन्यत्र तैनात कर दिया है।
केदार सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
केदार सभा ने भी सोमवार को यात्रियों और पुलिस के बीच हुए घटनाक्रम की केदार सभा ने कड़े शब्दों में निंदा की है। कहा कि पुलिस धाम में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात की गई है, लेकिन कई बार पुलिस के जवान यात्रियों से अभद्र व्यवहार कर रहे हैं। कपाट खुलने के दिन भी इस तरह की स्थितियां देखने को मिली थी। केदारसभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व अध्यक्ष विनोद शुक्ला, आचार्य संतोष त्रिवेदी, अंकित सेमवाल ने पुलिस अधीक्षक से केदारनाथ में तैनात पुलिस उपाधीक्षक को हटाने की मांग की है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।