इस मौके पर मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग ने परंपरानुसार सभी परंपराओं का निर्वहन करते हुए आराध्य भैरवनाथ जी का श्रृंगार करते हुए उन्हें भोग लगाया। इस मौके पर भगवान अपने पश्वा पर अवतरित हुए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
ठीक 1.30 बजे भगवान भैरवनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए गए। इस मौके पर पूरा क्षेत्र आराध्य के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने बताया कि भगवान भैरवनाथ के कपाट बंद होने के साथ ही बाबा केदार के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि भगवान भैरवनाथ केदारनाथ धाम की रक्षा करते हैं।