सिर्फ तीन हेलिकॉप्टर ही लैंड कर सकेंगे
जिला प्रशासन ने केदारनाथ स्थित एमआई-26 हेलिपैड के दबाव को कम करने की योजना बनाई है। यही नहीं, सुरक्षा की दृष्टि से भी हेलिपैड पर एक समय में सिर्फ तीन हेलिकॉप्टर ही लैंड कर सकते हैं। पहले यहां हेलीकॉप्टर के लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान कई घटनाएं भी हो चुकी हैं। केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत यहां हेलिपोर्ट प्रस्तावित है इसलिए प्रशासन उसे बेस कैंप के निकट बनाने की बात कह रहा है।
केदारनाथ में 108 डेसीबल तक होती हेलीकॉप्टर की आवाज
वर्ष 2013-14 में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने यात्राकाल में केदारघाटी के गुप्तकाशी, फाटा, बडासू, शेरसी, सोनप्रयाग, गौरीकुंड और केदारनाथ हेलिपैड पर हेलीकॉप्टर के लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान ध्वनि का अध्ययन किया था। उस समय केदारनाथ हेलिपैड पर हेलीकॉप्टर की न्यूनतम ध्वनि 92 और अधिकतम 108 डेसीबल मापी गई थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि हेली कंपनियां सेंक्चुरी क्षेत्र में नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
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हेलिपैड के निकट जीएमवीएन के भवन हैं। हेलिकॉप्टरों की गूंज से इनको भी खतरा हो रहा है। ऐसे में मंदिर परिसर से दूर हेलिपोर्ट बनाया जा रहा है। - मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, रुद्रप्रयाग