अस्सी के दशक में पीएम ने की थी गरूड़चट्टी में साधना
स्सी के दशक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ से दो किमी पहले मंदाकिनी नदी किनारे गरूड़चट्टी में डेढ़ माह तक साधना की थी। बताते हैं कि पीएम मोदी तब, प्रत्येक दिन गरूड़चट्टी से बाबा केदार के दर्शनों के लिए केदारनाथ मंदिर पहुंचते थे। प्रधानमंत्री बनने के बाद 20 अक्तूबर 2017 को पहली बार धाम पहुंचे पीएम मोदी ने गरूट्चट्टी में बिताएं दिनों को याद किया था। संवाद
ये भी पढ़ें...Chardham yatra: महिलाओं ने भी संभाला केदारनाथ यात्रा मार्ग पर टेंट का कारोबार, स्वरोजगार की नई मिसाल की पेश
भूस्खलन की चपेट में आया गरूड़चट्टी
आपदा के बाद से रामबाड़ा से गरूड़चट्टी तक भूस्खलन का दायरा निरंतर बढ़ रहा है। वाडिया संस्थान से सेवानिवृत्त वैज्ञानिक डाॅ. डीपी डोभाल बताते हैं कि रामबाड़ा से गरूड़चट्टी तक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण करना चाहिए जिनकी जड़ें मिट्टी को रोके। साथ ही इस क्षेत्र में नदी के किनारों में सुरक्षा दीवारें बनाकर भू-कटाव को रोकना होगा।
रामबाड़ा से केदारनाथ तक पुराने पैदल मार्ग को पुनर्जीवित के प्रस्ताव को केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई है। जल्द अन्य औपचारिकताएं पूरी कर डीडीएमए के माध्यम से डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। इस रास्ते के बनने से केदारनाथ यात्रा काफी सुलभ हो जाएगी। - मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग