इस दौरान एक जानवर बुरी तरह से घायल हो गया। मामले में ग्राम पंचायत मक्कू और ग्राम पंचायत उषाड़ा के ग्रामीणों ने एक-दूसरे के खिलाफ पुलिस चौकी में लिखित तहरीर दी है। उषाड़ा ग्राम पंचायत के निवर्तमान ग्राम प्रधान कुंवर सिंह बजवाल का कहना है कि चोपता, दुगलबिट्टा क्षेत्र उनके हक-हकूक में शामिल है। इस क्षेत्र में घोड़ा-खच्चर संचालन के लिए वन विभाग से वार्ता की गई थी। डीएफओ ने मौखिक रूप से यूनियन को शामिल करने को कहा गया था, लेकिन बुधवार को जब हमारे गांव के घोड़ा-खच्चर चोपता पहुंचे तो, मक्कू के ग्रामीणों ने उन्हें बुरी तरह से पीटा और भगा दिया।
इस दौरान एक घोड़ा को गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, चोपता घोड़ा-खच्चर यनियन के अध्यक्ष दिलवर सिंह नेगी ने बताया कि घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए यात्रा शुरू होने से पहले अप्रैल में ही वन विभाग के साथ बैठक हो गई थी। इस बैठक में उषाड़ा गांव के कोई घोड़ा-खच्चर संचालन शामिल नहीं हुए थे। अब, यात्रा के बीच में उषाड़ा के ग्रामीणों के द्वारा व्यवधान डाला जा रहा है। इधर, पुलिस चौकी प्रभारी सतीश शाह ने बताया कि दोनों पक्षों के द्वारा तहरीर दी गई है। मामले में जांच शुरू कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।