उधर, कांग्रेस ने मनोज रावत को टिकट दिया, जिसमें मनोज रावत ने निर्दलीय कुलदीप रावत को 869 मतों से हराया। आशा नौटियाल तीसरे स्थान पर और भाजपा प्रत्याशी शैला रानी रावत चौथे स्थान पर रहीं थीं। 2022 के विस चुनाव से पहले आशा नौटियाल पार्टी टिकट की उम्मीद में भाजपा में लौट आईं।
हालांकि, पार्टी ने फिर से शैलारानी को इस सीट से मैदान में उतारा। कांग्रेस ने मनोज रावत को मैदान में उतारा, जबकि कुलदीप रावत ने फिर से निर्दलीय चुनाव लड़ा। शैलारानी ने इस सीट से 7,544 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। मनोज रावत को 12,557 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। अब उपचुनाव में आशा नौटियाल ने 5626 वोटों से दूसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।
केदारनाथ सीट पर जीत का अंतर
वर्ष पार्टी मिले मत जीत का अंतर
2002 भाजपा 13,080 3,465
2007 भाजपा 16,971 2,979
2012 कांग्रेस 19,960 2,328
2017 कांग्रेस 13,906 869
2022 भाजपा 21,836 7,544
2024 भाजपा 23,818 5,626