यदि सबकुछ ठीक रहा तो भोले को भक्तों को केदारधाम पंहुचने के लिए एक विकल्प मार्ग भी मिल सकेगा। केदारधाम में आपदा के चलते मची तबाही को देखते हुए धाम तक पंहुचने के लिए एक और विकल्प मार्ग तलाश किया जाएगा।
गौरीकुंड से केदारनाथ धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग की तलाश में सोमवार को प्रशासनिक टीम रवाना होगी। जिसमें आपदा राहत आयुक्त समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। आपदा के चलते क्षतिग्रस्त हुए मुख्य मार्ग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
आपदा राहत आयुक्त डॉ वीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि केदारनाथ त्रासदी के दौरान गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण रेसक्यू कार्य में बहुत परेशानी हुई।
जिसे देखते हुए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग का विकल्प मार्ग ढूंढने का प्रयास किया जाएगा। जिससे भविष्य में यदि एक मार्ग बंद हो जाए तो दूसरे मार्ग का प्रयोग किया जा सके।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक मार्ग तलाशने के लिए सोमवार को उनके नेतृत्व में विद्युत, जल संस्थान के अधीक्षण अभियंता व पुलिस अधीक्षक बरिन्दर जीत सिंह गौरीकुंड से रवाना होंगे।
आपदा राहत आयुक्त ने केदारघाटी के लगभग 30 ग्राम प्रधानों से भी मुलाकात कर आपदा प्रबंधन समिति कार्यों का जायजा लिया।
बैठक में समस्त ग्राम प्रधानों ने केदारघाटी को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने और अनियमित विद्युत आपूर्ति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में सोलर लालटेन उपलब्ध कराने की मांग की।