काजू, बादाम से प्यार अब इनका सेवन करने वालों को ‘बुखार’ दे रहा है। जी हां, रुपये में बीते दिनों रही कमजोरी से जेब पर मुसीबत है। सूखे मेवों केरेट में तकरीबन 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
दून में काजू, बादाम दिल्ली, चंडीगढ़ आदि स्थानों से पहुंचता है। दक्षिणी राज्यों की पैदावार मांग को देखते हुए पूरी नहीं पड़ती। लिहाजा, इनका आयात अमेरिका के कैलिफोर्निया आदि स्थानों से होता है।
रुपये की गिरावट और डालर की मजबूती की वजह से आयातित सूखे मेवों के लिए कारोबारियों को अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे इनकी कीमतों पर पड़ रहा है।
बारिश के सीजन में अमूमन इनकी बिक्री औसत रहती है, लेकिन इन दिनों रमजान की वजह से ठीक कारोबार है, जबकि अब त्योहारी सीजन की दस्तक के चलते इनकी कीमतों में और बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है।
डेढ़ माह से यही हालात
'तकरीबन डेढ़ माह से यही हालात हैं। डालर में मजबूती की वजह से सूखे मेवों के रेट में बढ़ोत्तरी हुई है। मांग को देखते हुए अधिकांश आपूर्ति आयातित किस्मों की ही होती है।'
हेमंत, व्यवसायी, रामलीला बाजार।
रेट एक नजर में-
वैरायटी
रेट थोक में
रेट खुदरा
रेट पहले
बादाम
580
650
520
काजू
550
750
490
पिस्ता
800
950
680
अंजीर
350
450
320