द्वारिका विहार कालोनी में सीपीयू पर डाक कांवड़ वाहन तोड़ने और कांवड़ियों को पीटने के आरोप में कांवड़ियों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित कांवड़िए राजमार्ग पर चक्काजाम कर धरने पर बैठ गए। इससे करीब 40 मिनट यातायात प्रभावित रहा। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस विभाग के अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आननफानन पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बीच बचाव कर माहौल शांत कराया और यातायात बहाल कराया।
राजमार्ग से सटी द्वारिका विहार कालोनी में डाक कांवड़ वाहन पार्क किए गए हैं। आरोप है कि शनिवार दोपहर सीपीयू ने कालोनी पहुंचकर डाक कांवड़ वाहन के शीशे तोड़ दिए। विरोध करने पर कई कांवड़ियों को सीपीयू ने दौड़ा लिया। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई। इधर, कांवड़िए एकजुट होकर राजमार्ग पर पहुंचे और यातायात ठप कर धरने पर बैठ गए। करीब 40 मिनट यातायात प्रभावित रहा। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस के होश उड़ गए। आननफानन एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
वहीं, कांवड़ियों के पक्ष में कालोनी के कई लोग भी आ गए थे। उन्होंने कांवड़ियों के कालोनी में ठहरने पर कोई आपत्ति न होने की बात कही। कांवड़ियों का आरोप था कि उन्हें बेवजह बुरी तरह पीटा गया और उनके वाहन भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। पुलिस अधिकारियों ने क्षतिपूर्ति के एवज में कांवड़ियों को नकदी भी देनी चाही। लेकिन, बात नहीं बनी। एसपी सिटी ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाकर कांवड़ियों का गुस्सा शांत किया। इसके बाद जाम खुलाया। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने कहा कि कांवड़ियों के आरोपों की जांच कराई जा रही है।