फरवरी में आए थे आनंद गांव
बलिदानी नायब सूबेदार आनंद सिंह रावत इस वर्ष फरवरी में छुट्टी पर देहरादून आए थे। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ कुछ दिन के लिए गांव भी पहुंचे थे। तब, उन्होंने घर-घर पहुंचकर सभी लोगों से मुलाकात की उनकी कुशलक्षेम पूछी थी। यही नहीं, स्कूली बच्चों से बातचीत करते हुए उन्हें पढ़ाई व कॅरिअर के प्रति गंभीर होने की सलाह भी दी थी।
कुछ साल पहले ही देहरादून शिफ्ट हुए थे
तिलवाड़ा। बलिदानी की मां अपने बेटे की बीते दिनों की बातों के साथ ही समय-समय पर फोन पर होती बातों को याद कर रही हैं। कुंदन सिंह ने बताया कि उनकी अपने भाई से सप्ताह में दो-तीन बार बातचीत हो जाती थी और देहरादून में भी बच्चों से निरंतर बात होती थी। सोमवार रात 8 बजे उन्हें आनंद के बलिदान की खबर मिली। बताया, कि कुछ वर्ष पूर्व ही आनंद से अपने परिवार को देहरादून में शिफ्ट किया था। लेकिन वह जब भी वह छुट्टी आता था, गांव जरूर आता था।