इस बार करवाचौथ पर्व सुहागिनों के लिए विशेष फल लेकर आ रहा है। सुहागिनों के लिए सूर्य और चंद्र दोनों शुभ होते हैं। इस बार रोहिणी के वास करने के कारण करवाचौथ पर चंद्रमा और पवित्र हो गए हैं। यह वास पूरे 24 घंटे बने रहना महत्वपूर्ण है।
चंद्रोदय रात 8:06 बजे
करवाचौथ के दिन चंद्रोदय देहरादून और आसपास में रात 8:06 बजे होगा। ज्योतिषाचार्य डा. सुशांत राज ने बताया कि जिस वर्ष करवा चौथ के दिन उच्च राशि का वृषभ चंद्रमा में होता है, तो उसे अंगारा चतुर्थी भी कहा जाता है। मंगलवार के दिन यह पड़ने से इसके योग बन रहे हैं। कहा कि शुभ समय के बाद विधि विधान से पूजा करने पर सुहागिनों को लाभ के चौघड़िया का फल मिलेगा।
बाजार में रही रौनक
सुहागिनों के पर्व करवाचौथ के पहले दिन बाजार में देर शाम तक चहल-पहल रही। खासकर चूड़ी, मेहंदी और साज-श्रृंगार की दुकानों में महिलाओं की भीड़ रही। दीपावली से पहले बाजार के गुलजार होने से दुकानदारों के चेहरों पर रौनक दिखाई दी।
शहर के पलटन बाजार, धामावाला, झंडाबाजार, धर्मपुर सहित अन्य इलाकों के बाजार देर रात तक गुलजार रहे। पलटन बाजार में अधिक भीड़ रही। घंटाघर से कोतवाली तक करीब 30 मेहंदी की दुकानें खुली। यही हाल झंडा बाजार में रहा। यहां रात 12 बजे तक महिलाएं मेहंदी लगावती रहीं।
मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं ने तीन से चार घंटे तक इंतजार किया। दोपहर के समय बाजार में मिट्टी के करवे और छलनी की जमकर बिक्री हुई। आम दिनों में 30 की बिकने वाली छलनी 150 रुपये तक बिकी। दुकानों के साथ ही ठेलियों पर लगी चूड़ियों की दुकानें भी महिलाओं से गुलजार रहीं।