108 एंबुलेंस से रात करीब नौ बजे महिला को अस्पताल पहुंचाया गया। सुबह और रात करीब 9:30 बजे चिकित्सकों ने सुरक्षित प्रसव कराया। आशा कार्यकर्ता अल्का नेगी ने बताया कि सड़क सुविधा नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को डंडी-कंडी के जरिये अस्पताल ले जाना पड़ता है।