आजादी के बाद से आज तक उत्तराखंड के वीर सपूत देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए हमेशा आगे रहे। वर्ष 1999 में हुए कारगिल युद्ध में देवभूमि के 75 जांबाजों ने देश की रक्षा करते हुए बलिदान दिया था। इनमें 37 जांबाजों के परिजनों को बहादुरी का पुरस्कार मिला था। आजादी के बाद से अब तक हुए युद्धों में देवभूमि के डेढ़ हजार से अधिक जवान शहादत दे चुके हैं।