सिब्बल ने सवाल किया कि जब मास्क लगाए लोग विवि के भीतर चले गए तो वहां के कुलपति ने क्या किया? क्या कुलपति ने पुलिस कमिश्नर को फोन किया। एक घंटे तक हिंसा होती रही। वीसी एवं पुलिस कमिश्नर क्या कर रहे थे। वीसी ने गृह मंत्री तक को फोन नहीं किया। आरोपी तो छात्र थे, सच्चाई क्या है। इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जांच कौन करेगा। यही लोग करेंगे, जिन्होंने इस हिंसा को अंजाम दिया और जब जांच यही लोग करेंगे तो नतीजा क्या होगा, यह पूरा देश जानता है। पूर्व मंत्री ने कहा कि इस मामले में सबसे पहले कुलपति को बर्खास्त करना चाहिए, फिर पुलिस कमिश्नर को, क्योंकि उनकी देखरेख में जब पुलिस बाहर खड़ी थी तब क्या हो रहा था।
पुलिस की मौजूदगी में वहां आ रही एंबुलेंस की हवा निकाली जा रही थी, ताकि एंबुलेंस अंदर न जा सके और पीड़ितों को अस्पताल नहीं ले जाया जा सके।उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां सरकार की तानाशाही के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो रहे हैं, वहां सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट कर भय का वातावरण बना रही है। वार्ता के दौरान पूर्व दर्जा राज्यमत्री डॉ. रमेश पांडे, धीरज बिष्ट आदि भी मौजूद थे।