ट्रेनों से आने वाले करीब 350 कांवड़ियों और अन्य यात्रियों को हरिद्वार रेलवे स्टेशन से ट्रेनों व शटल बसों के माध्यम से मंगलवार केे भी वापस भेजा गया। जिन सामान्य यात्रियों को लौटाया गया, उनके पास 72 घंटे पूर्व की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट नहीं थी। वहीं, मास्क न लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने पर भी 78 लोगों का चालान किया गया है।
कांवड़ यात्रा स्थगित होने के बाद ट्रेनों के माध्यम से कांविड़ए सादे कपड़ों में जल लेने के लिए धर्मनगरी आ रहे हैं। ऐसे में जीआरपी लगातार सख्ती बरत रही है। हरिद्वार, ज्वालापुर, रुड़की, लक्सर, मोतीचूर, रायवाला, ऋषिकेश व योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर सख्ती करते हुए कांवड़ियों को वापस भेजा जा रहा है। जीआरपी एएसपी मनोज कात्याल ने बताया कि मंगलवार को हरिद्वार आने वाली ट्रेनों से विभिन्न राज्यों से आए 350 यात्रियों को शटल बस से वापस भेजा गया।
योग नगरी रेलवे स्टेशन ऋषिकेश पर आने वाली ट्रेनों से विभिन्न राज्यों से कांवड़ यात्रा के लिए आए 13 व्यक्तियों को पहचान कर परिवहन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई बसों से व रुड़की स्टेशन से 10 यात्रियों को वापस किया गया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए यात्रियों को अपने-अपने राज्य में वापस जाने के बाद कांवड़ मेला बंद होने के बारे जानकारी देने के लिए भी कहा गया।
हरिद्वार में 1300 की हुई कोरोना जांच
धर्मनगरी में ट्रेनों से आने वाले यात्रियों की कोरोना जांच भी कराई जा रही है। रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को 1300 यात्रियों की कोरोना जांच हुई। इसके साथ ही रुड़की रेलवे स्टेशन पर 179 व ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर 117 यात्रियों की जांच की गई।
बॉर्डर से 99 वाहनों को भेजा वापस
कांवड़ यात्रा प्रतिबंधित होने के बाद बॉर्डर पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। चिड़ियापुर व लाहड़पुर बॉर्डर पर लगातार सख्ती की जा रही है। श्यामपुर थाना प्रभारी अनिल चौहान ने बताया कि मंगलवार को चिड़ियापुर से 64 व लाहड़पुर से 35 वाहनों को लौटाया गया है। इसके साथ ही जो यात्री आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट नहीं दिखा रहे हैं। उनको भी वापस किया जा रहा है।